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Exclusive: मोबाइल पर ज्यादा देखने का असर, आंखों को लग रही नजर, अध्ययन में सामने आए चौंकाने वाले परिणाम

Tue, 08 Dec 2020 03:39 PM IST
Dimple Sirohi अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • जिला अस्पताल में अप्रैल से नवंबर तक 10,890 मरीजों पर अध्ययन से हुआ खुलासा
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixa
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विस्तार
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 लगातार मोबाइल देखने की आदत से युवा और बच्चों की आंखों में परेशानी बढ़ गई हैँ। जिला अस्पताल में इस साल एक अप्रैल से 30 नवंबर तक 10,890 मरीजों पर किए गए अध्ययन से यह खुलासा हुआ है। 5,090 (46.75 प्रतिशत) बच्चों और युवाओं की आंखों की रोशनी सामान्य से कम पाई गई है।

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इनमें 21 से 40 साल की उम्र के लोग ज्यादा हैं, जबकि 10 प्रतिशत बच्चे भी हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि आंखों की रोशनी कम होने कारणों में मुख्य रूप से लेटकर पढ़ने की आदत, अंधेरे में पढ़ना, लंबे समय तक मोबाइल-टीवी देखना या कंप्यूटर पर काम करना है। यह काम अंधेरे में करने पर घातक हो जाता है।

रोशनी की कमी से आंखों की पुतलियां फैल जाती हैं। नतीजा, आंख के फोकस में नजदीक और दूर की चीजों के बीच फर्क कम होना शुरू हो जाता है। यही नहीं, इनसे निकलने वाली घातक किरणें आंखों को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं। 
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स्टडी रिपोर्ट एक नजर में
मरीज
     10,890
चश्मे का नंबर दिया गया     4,769
मोतियाबिंद निकला     280
नाखूना का ऑपरेशन     41 

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ऐसे करें बचाव
  • खाने में दूध, मक्खन, गाजर, टमाटर, पपीता, अंडे, देसी घी और हरी सब्जियां लें । 
  • आंखों को आराम देने के लिए कम से कम आठ घंटे की नींद लें। 
  • कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल में देख रहे हैं तो उचित दूरी बना कर रखें। 
  • सोते वक्त आंखों के आसपास बादाम के तेल से हल्की मालिश करें। 
  • दिन में 3 से 4 बार अपनी आंखों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं। 

नसों में सूजन और ड्राई आई के मामले बढ़े
जिला अस्पताल के नेत्र परीक्षण अधिकारी पीके वार्ष्णेय और अरुणा यादव के मुताबिक लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल से चिपके रहने वालों की आंखों की नसों में सूजन आ जाती है। अनदेखी करने पर यह ड्राई आई में तब्दील हो सकती है। स्मार्टफोन की वजह से ड्राई आई के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। 

एक मिनट में 10-15 बार झपकनी चाहिए पलकें
अमूमन एक मिनट में 10 से 15 बार पलकें झपकना चाहिए, इससे कार्निया में तरलता बनी रहती है। मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर पर काम करते वक्त कई लोगों की पलकें एक मिनट तक झपकती नहीं हैं या दो-चार बार ही झपकती हैं। इससे आंखों में तरलता कम हो जाती है। - डॉ. विकास चौधरी, नेत्र सर्जन, जिला अस्पताल 
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