उन्होंने कहा कि पुरूष पीठासीन अधिकारी कहते हैं कि हमारे पास महिला कर्मचारी नहीं हैं तो हम चेहरा कैसे देखें। 'अरे भई, ये हिन्दुस्तान है, लोकतांत्रिक देश है। चेहरा देखे बिना वोट नहीं दे सकते। धार्मिक आधार पर अगर किसी को चेहरा दिखाने पर आपत्ति है तो मत वोट दीजिए।'
भाजपा सांसद ने कहा कि चेहरा देखकर वोट डलवाने चाहिए। एक महिला अंदर जाती है और बिना हस्ताक्षर के वोट डालती है। बाद में अधिकारी कहता है कि बहन जी हस्ताक्षर कर दीजिए। हस्ताक्षर के बिना वोट किया जा रहा है।
कांग्रेस ने हालांकि बालियान की आलोचना करते हुए कहा है कि उन्हें अपने दिमाग का इलाज कराना चाहिए।
उनका आरोप है कि कुछ जगह तो हस्ताक्षर बाद में हो रहे हैं लेकिन मतदान पहले किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस तरह से वोट नहीं डलना चाहिए।
संजीव बालियान ने कहा कि मुकाबला पिछला बार भी कड़ा था लेकिन विपक्षी चार लाख वोट से हार गए थे। उन्होंने कहा कि मुकाबला इस बार भी टक्कर का है। वहीं डीएम द्वारा शिकायत को गलत बताने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वो अपने बचाव के लिए झूठ बोल रहे हैं।
इसके अलावा विकास और धर्म के सवाल पर उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर वोट मांगा जाएगा तो कल तुम्हें समस्या होगी। इसलिए विकास के नाम पर वोट होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जो ऐसा फतवा जारी करते हैं उनपर प्रतिबंध लगान चाहिए।
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