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मिशन 2019: प्रचार के अंतिम दिन ये बड़ा दांव खेल गईं मायावती, निशाने पर रहे पीएम मोदी

Tue, 09 Apr 2019 10:29 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में मायावती की जनसभा - फोटो : अमर उजाला
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बसपा सुप्रीमो मायावती, गठबंधन के दलों के नेताओं को एक माला में पिरोने के साथ अनुसूचित जाति व मुस्लिम कार्ड खेल गईं। मायावती ने मुस्लिमों को खूब रिझाया। मुस्लिमों को यह बताने की कोशिश की कि गठबंधन के अलावा और कोई उनका हितैषी नहीं है। कांग्रेस के पाले में मुस्लिमों व अनुसूचितों को जाने से रोकने के लिए खूब सियासी बाण छोड़े।

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिजनौर की रैली के दौरान अनुसूचित जाति व मुस्लिम कार्ड खेला। वह बिजनौर से अपने पुराने रिश्ते को भी ताजा कर गईं। कहा कि 1989 में जब पहली बार वे बिजनौर से सांसद बनी थीं तो उनके नामांकन पत्र दाखिल करने से लेकर चुनाव का अधिकतर खर्च बिजनौर के लोगों ने अपनी जेब से उठाया था। तब चुनाव में मुस्लिम व अनुसूचित जाति के लोगों ने उनका साथ दिया था। 1989 की आंधी को फिर से बिजनौर में लाना है। बिजनौर लोकसभा सीट से मलूक नागर व नगीना सीट से गिरीशचंद का चुनाव न समझें। यह समझें कि दोनों सीटों पर वे चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने गठबंधन के दलों से जुड़े वोटरों को एक माला में पिरोने की कोशिश की। कहा कि सभी को गठबंधन के प्रत्याशियों को वोट देना है। मुस्लिमों पर डोरे डालने के लिए मायावती ने कहा कि उन्होंने मुस्लिम बहुल पश्चिमी यूपी में मुस्लिमों को बड़ी संख्या में टिकट दिए गए हैं। बिजनौर में भले ही गुर्जर जाति के मलूक नागर को टिकट दिया है, पर बिजनौर से सटे अमरोहा, मेरठ, सहारनपुर समेत कई जगह मुस्लिमों को टिकट दिए हैं।

मायावती ने अनुसूचित जाति के लोगों से कहा कि चुनाव में उन्हें भी प्रलोभन दिए जाएंगे, पर वे किसी के बहकावे में न आएं। सुबह उठकर सबसे पहले अपना वोट डालने जाएं। बाकी काम बाद में करें। मायावती ने रालोद का भी कई बार नाम लिया और रालोद से जुड़े जाट वोटरों को अपना बताया। कहा कि जाट वोटर पूरी तरह गठबंधन के साथ हैं। जाट वोटरों के नाम पर अन्य जातियों के वोटरों को भी मायावती साधने से पीछे नहीं रहीं। उन्होंने हर जाति के वोटरों की नब्ज पर हाथ रखा। कांग्रेस व भाजपा को बराबर कोसा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मायावती के निशाने पर रहे। मायावती रैली में आई भीड़ को देखकर गदगद रहीं।

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बिजनौर से चुनाव लड़ने के दिए संकेत
बसपा सुप्रीमो मायावती बिजनौर व नगीना सीट से चुनाव लड़ने का संकेत दे गईं। अपने भाषण के दौरान उन्होंने इन दोनों में से किसी एक सीट पर भविष्य में चुनाव लड़ने की बात कही। मायावती ने कहा कि मौजूदा समय में देश के जो हालात हैं उसे देख केंद्र की सत्ता में अगर उनका दखल हुआ तो वह बिजनौर या नगीना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। यह जरूरी नहीं कि सुरक्षित सीट से वे चुनाव लड़ेंगी। बिजनौर की सामान्य सीट से भी वे चुनाव लड़ सकती हैं। मायावती के चुनाव से पूर्व नगीना सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे।

आरोप लगाया
मायावती की सभा में जिले भर के गांवों के वोटर आए हुए थे। गांव शादीपुर मिलक निवासी ओमवती का आरोप है कि मायावती के जाने के बाद पुलिस ने महिलाओं से अभद्रता की। पुलिस ने उससे मारपीट भी की।

शेख सुलेमान को दिया आशीर्वाद
मायावती ने सपा नेता व पूर्व विधायक शेख सुलेमान को उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। काफी देर तक मंच पर ही शेख सुलेमान से गुफ्तगू की। शेख सुलेमान की गिनती कभी मायावती के वफादार लोगों में होती थी।

ये रहे मंच पर मौजूद
बिजनौर लोकसभा सीट से प्रत्याशी मलूक नागर, नगीना प्रत्याशी गिरीशचंद, मुरादाबाद प्रत्याशी एसटी हसन, राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा, मायावती के भतीजे आकाश आनंद, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरशद आबिद, शमशुद्दीन राइन, धनीराम सिंह, विधायक मनोज पारस व नईमुल हसन, पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश व मूलचंद चौहान, राशिद हुसैन, बसपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव, पूर्व एमएलसी सुबोध पाराशर, शमशाद अंसारी आदि मौजूद रहे।

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