भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद अब वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ेंगे। चंद्रशेखर का कहना है कि यह निर्णय बहुजन मिशन को आगे बढ़ाने और भाजपा को हराने के लिए लिया गया है। क्योंकि विपक्षी लोग फूट डालकर मिशन को कमजोर करने की कोशिश करते हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने पूर्व में ऐलान किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने वाराणसी से चुनाव लड़ूंगा। इसके बाद चंद्रशेखर ने वाराणसी पहुंचकर संत रविदास मंदिर तक पैदल मार्च निकाला था और वहां सभा करके भी चुनाव लड़ने की बात कही थी। इसके बाद बसपा सुप्रीमो ने ट्वीट करके तीखा हमला करते हुए चंद्रशेखर पर भाजपा के एजेंट के रूप में कार्य करने का आरोप तक लगा दिया था। उधर, लोकसभा के प्रथम चरण के मतदान को लेकर भी भीम आर्मी की तरफ से समर्थन को लेकर तमाम चर्चाएं रही थीं, लेकिन भीम आर्मी पदाधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर किसी पार्टी का समर्थन करने से इंकार कर दिया था।
बुधवार को अमर उजाला संवाददाता से फोन पर बातचीत में भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अब वाराणसी से चुनाव नहीं लडूंगा। वहां गठबंधन प्रत्याशी को समर्थन दिया जाएगा। चंद्रशेखर ने कहा कि समाज से बढ़कर कुछ नहीं है, बहुजन मिशन महत्वपूर्ण है, अगर मेरे किसी निर्णय की वजह से बहुजन मिशन कमजोर पड़ता है, तो ऐसा निर्णय नहीं लिया जाएगा। चंद्रशेखर ने कहा कि विपक्षी फूट डालकर फायदा लेना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और भाजपा को हराने के लिए भीम आर्मी कार्यकर्ता मजबूूती से कार्य करेंगे। एक सवाल के जवाब में चंद्रशेखर ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर गठबंधन प्रत्याशियों को समर्थन किया जाएगा, ताकि भाजपा हराया जा सके।
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