गाजियाबाद- इस सीट पर दो बार जनरल वीके सिंह भाजपा के टिकट पर जीत कर संसद पहुंचे थे। इस बार भाजपा ने उनके स्थान पर अतुल गर्ग को अपना प्रत्याशी बनाया है।
बागपत- 2019 में इस सीट पर मुंबई के कमिश्नर रहे सत्यपाल सिंह भाजपा से लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए थे। जयंत चौधरी से समझौते के बाद ये सीट रालोद के हिस्से में चली गई। रालोद ने राजकुमार सांगवान को अपना प्रत्याशी बनाया है। सत्यपाल सिंह मैदान में नहीं हैं।
पहले बसपा से जीते अब कांग्रेस से मैदान में
अमरोहा- सीट पर 2019 में बसपा के दानिश अली चुनाव जीत कर 17वीं लोकसभा का हिस्सा बने थे। लेकिन बाद में बसपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। दानिश अली ने कांग्रेस का दामन थामा और अब वह कांग्रेस के टिकट पर इसी सीट से चुनावी मैदान में हैं।