गांव फफूंडा के देवराज सिंह कहते हैं कि चुनाव मुद्दों पर कहां हो रहा है भाई! हमारे गांव के निकट से बाईपास निकला है। खेतों तक जाने के लिए यहां से अंडरपास निकले, इसके लिए हमने खूब लड़ाई लड़ी पर बात नहीं बनी। कपिल कहते हैं कि आसपास के सैकड़ों गांवों का भूगर्भ जल दूषित हो गया, पर यह चुनावी मुद्दा नहीं बन पाया। वहीं पीपली खेड़ा, कुढला, आड़, कौल, मुंडाली के लोगों की भी अंडरपास की मांग पूरी नहीं हो पाई।
शिवकुमार कहते हैं कि भाजपा ने विकास किया है। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे बन रहा है, जो एक बड़ा काम है। रणवीर सिंह कहते हैं कि रैपिड पर काम शुरू हो ही गया है। हवाई अड्डे पर भी बात बनती नजर आ रही है। ठहरे कामों को गति मिली है। इसके अलावा अपराध पर भी सख्ती की गई है। खरखौदा में रजनीश त्यागी कहते हैं कि सरकार ने सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के जरिये आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। देश की सीमाओं को भी मजबूती मिली है। विदेशों में भारत का मान बढ़ा है।
असौड़ा निवासी राजपाल त्यागी कहते हैं कि किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। गन्ने का बकाया शेष तो है, पर इस मुद्दे पर सिर्फ बयानबाजी हो रही है। इसी से थोड़ा आगे गांव टियाला में चाय की दुकान पर यही बहस चल रही है। पूर्व प्रधान हारून कहते हैं कि पिछले चुनाव को ध्रुवीकरण की चाशनी में लपेटा गया था, पर इस बार बात अलग होगी। मुकेश जाटव तत्काल अपनी बात रखते हैं। कहते हैं कि किसी की भी राह यहां आसान नहीं है।
श्यामनगर में अपना समीकरण है, तो शास्त्रीनगर में अलग ही गणित है। हापुड़ का समीकरण कालोनीवार बंट रहा है। उधर सिविल लाइन क्षेत्र में बिजलीघर स्थित चाय की दुकान पर चुनावी चौकड़ी तर्कों पर बहस कर रही है। महेश कहते हैं कि मुद्दों की किसको पड़ी है, वह तो गायब हो गए। मणिराम प्रधान, मनोज, आरिफ, ऋषिपाल कहते हैं कि जातिवार गणित तय हो रहा है। गांव सिसौली में मनोज सिंह कहते हैं कि कानून-व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा है और स्थिति में सुधार हुआ है। सरकार ने अपराधियों पर सख्ती की है।
अहम मुद्दे
हाईकोर्ट बेंच, स्मार्ट सिटी, जाम, कूड़ा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, गन्ना बकाया भुगतान आदि।
परिणाम : 2014
| राजेंद्र अग्रवाल |
भाजपा |
5,32,981 |
| शाहिद अखलाक |
बसपा |
3,00,655 |
| नगमा |
कांग्रेस |
42,911 |
| शाहिद मंजूर |
सपा, |
2,11,759 |
| 2,32,326 वोटों से जीते थे राजेंद्र अग्रवाल |
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महिलाओं के लिए अपराध नियंत्रण बड़ा मुद्दा
इस चुनाव में महिलाओं की अहम भूमिका रहेगी। पिछले चुनाव में महिलाओं ने मतदान में जबरदस्त भागेदारी की थी। यहां लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं ने अपने मत का प्रयोग किया था। इस बार भी सभी वर्गों की महिलाओं में चुनाव को लेकर उत्साह है। शास्त्रीनगर निवासी अपर्णा कहती हैं कि मेरठ में महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। सरकार इस तरफ काम भी कर रही है। ऐसे में सभी महिलाओं को वोट करने के लिए आगे आना चाहिए।
प्रियंका शर्मा कहती हैं कि कानून व्यवस्था हर चुनाव में मुद्दा रहता है, जो सीधा महिलाओं से जुड़ा है। ऐसे में सक्रियता दिखानी चाहिए। यदि जनपद मेरठ में सभी वोटरों की बात करें तो यहां 25 लाख 18 हजार 404 मतदाता हैं। इनमें वे विधानसभाएं भी शामिल हैं, जो दूसरी लोकसभा सीटों से जुड़ी हैं। इनमें 11 लाख 36 हजार 425 महिलाएं हैं।
वोटरों का जातिगत आंकड़ा
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर 2.25 लाख वैश्य वोटर हैं। ठाकुर 60 हजार, ब्राह्मण डेढ़ लाख, जाट एक लाख, गुर्जर 90 हजार, मुस्लिम साढ़े पांच लाख, दलित तीन लाख, पंजाबी 50 हजार, पिछड़े व अन्य करीब चार लाख वोटर हैं।
मेरठ-हापुड़ सीट के कुल मतदाता-
| कुल मतदाता |
18,94,144 |
| पुरुष मतदाता |
10,21,485 |
| महिला मतदाता |
8,50,525 |
| साक्षरता दर |
72.8 फीसदी |
| लिंग औसत |
886 |
| विकास दर |
15.8 फीसदी |
1952 में तीन लोकसभा क्षेत्रों में बंटा था मेरठ
1952 में देश की पहली लोकसभा के लिए हुए चुनाव में मेरठ को तीन लोकसभा क्षेत्रों में बांटा गया था। पश्चिम मेरठ जिला, दक्षिण मेरठ जिला और मेरठ उत्तर पूर्व। मेरठ पश्चिम सीट से पहली बार खुशी राम शर्मा कांग्रेस की ओर से सांसद बने।
उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी हुकम सिंह को हराया था। मेरठ दक्षिण से कांग्रेस के कृष्णचंद्र शर्मा जीते। उन्होंने भारतीय जनसंघ के हरसरन दास को हराया। मेरठ उत्तर पूर्व से कांग्रेस के शाहनवाज खान सांसद बने। शाहनवाज ने अखिल भारतीय राम राज्य परिषद के सूरज बल स्वामी को 89152 वोटों से हराया था।
1957 में तीनों मिलकर हो गईं एक सीट
1957 में तीनों लोकसभा सीटों को समाहित कर मेरठ लोकसभा सीट का गठन किया गया। कांग्रेस के शाहनवाज खान यहां से लगातार दूसरी बार सांसद बने। उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बृजराज किशोर को हराया। शाहनवाज को 158280 और बृजराज को 43359 वोट मिले। तीसरे नंबर पर अखिल भारतीय जनसंघ बीजेएस पार्टी के बलबीर सिंह रहे थे, जिन्हें 39298 वोट मिले थे।