पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर ने कहा कि मेरठ में बसपा ने अभी लोकसभा प्रभारी नियुक्त किया गया है, प्रत्याशी नहीं बनाया है। अभी हाल में बिजनौर का लोकसभा प्रभारी बदल दिया गया है। बसपा सुप्रीमो यह पता कर रही है कि जहां किसी कमजोर को जिम्मेदारी मिल गई है, उसे हटा दिया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती किसी ऐसे व्यक्ति को तो टिकट नहीं देती हैं, जिस पर कट्टरवाद के आरोप हो। कट्टरवाद के आरोपी व्यक्ति से वह बचने की कोशिश करती हैं। यह किसी मेरठ के व्यक्ति के संबंध में नहीं है, एक सामान्य तौर पर बात है। लोकसभा चुनाव में मेरठ से बसपा और सपा गठबंधन का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। यह सीट बसपा के हिस्से में आई है। बसपा ने लोकसभा प्रभारी हाजी याकूब कुरैशी को बनाया है। बसपा चुनाव से पहले अमूमन प्रभारी ही नियुक्त करती है, बाद में उसी का टिकट फाइनल कर दिया जाता है। सपा समर्थकों की गलियों से यह बात छनकर आ रही है कि गठबंधन प्रत्याशी के लिए मुश्किलें होंगी। शनिवार को पार्टी कार्यालय में हुई सपा की बैठक में शाहिद मंजूर के बयान के बाद गठबंधन प्रत्याशी को लेकर चल रही इस तरह की चर्चाओं को और बल मिलेगा।