महिला मतदाताओं की संख्या सात लाख 72 हजार 733 हैं। 116 मत थर्ड जेंडर के हैं। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट में जिले की चार विधानसभा सीट बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर, चरथावल, खतौली और मेरठ जिले की सरधना विधानसभा आती है। बुढ़ाना विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा वोट हैं और खतौली में सबसे कम वोटर है।
पांचों विधानसभा क्षेत्र में इस समय भाजपा के ही विधायक हैं। इनमें मुजफ्फरनगर से कपिलदेव अग्रवाल, चरथावल से विजय कश्यप, खतौली से विक्रम सैनी, बुढ़ाना से उमेश मलिक, सरधना से संगीत सोम हैं। बीजेपी विधायकों पर भी पार्टी प्रत्याशी को अपने क्षेत्र से जिताने का दबाव रहेगा। दूसरी तरफ रालोद प्रमुख अजित सिंह के चुनाव मैदान में आने से चुनाव यहां दिलचस्प होने के आसार हैं।
2014 में भाजपा को मिले थे रिकार्ड मत
जिले में वर्ष 2013 में दंगे के बाद ध्रुवीकरण और मोदी लहर में भाजपा ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में यह सीट चार लाख एक हजार एक सौ पचास मतों से जीती थी। संसदीय चुनाव में जीत के रिकॉर्ड के हिसाब से देश में सांसद बने डॉ संजीव बालियान ने तीसरे स्थान पर थे।
भाजपा प्रत्याशी बालियान को छह लाख 53 हजार 391 वोट मिले थे। बसपा के कादिर राना को दो लाख 52 हजार 241, सपा के विरेंद्र सिंह एक लाख 60810 तथा कांग्रेस के पंकज अग्रवाल को 12937 वोट मिले थे। आप प्रत्याशी यामीन को 1933 मत ही मिल पाए थे। नोटा में 4739 मत गए।