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लोकसभा चुनाव 2019: सहारनपुर सीट पर त्रिकोणीय होगा सांसद का मुकाबला, भाजपा प्रत्याशी की घोषणा बाकी

Mon, 11 Mar 2019 10:53 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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गन्ना मंत्री सुरेश राणा
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लोकसभा चुनाव 2019 में राजनीतिक दल अपनी जीत पक्की करने में लगे हैं। हर पार्टी यही चाहती है कि सहारनपुर लोकसभा सीट पर उनके प्रत्याशी को जीत मिले। भाजपा को छोड़कर कांग्रेस और गठबंधन की तरफ से प्रत्याशी भी घोषित कर दिए गए हैं।
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इस सीट के जातीय समीकरण और पुराने चुनावों के नतीजों को देखा जाए, तो इस बार चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय बनने के आसार लग रहे हैं। वहीं लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही प्रत्याशी और संभावित प्रत्याशी के साथ ही कार्यकर्ता भी चुनावी समीक्षा के साथ दावपेंच की माथापच्ची में जुट गए हैं। 

2014 में हुए लोकसभा चुनाव में सहारनपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी राघव लखनपाल शर्मा ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 4,72,999 वोट मिले थे,जबकि दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद को 4,07,909 वोट मिले थे। वहीं, बसपा प्रत्याशी जगदीश सिंह राणा को 235033 वोट मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी शाजान मसूद 52,765 लेकर चौथे नंबर पर रहे थे।

इस बार चुनाव में सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन है। गठबंधन की तरफ से हाजी फजलुर्रहमान को प्रत्याशी बनाया गया है, तो कांग्रेस ने फिर से इमरान मसूद को ही चुनाव मैदान में उतार दिया है। जातीय समीकरणों पर गौर करें तो सहारनपुर लोकसभा सीट पर करीब छह लाख मुस्लिम मतदाता हैं। 

कांग्रेस और गठबंधन की तरफ से भी मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव में उतारा गया है, जिस कारण दोनों ही प्रत्याशियों के बीच ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम मत हासिल करने की होड़ रहेगी। अब देखना यह होगा कि कौन प्रत्याशी अपनी रणनीति में कितना कामयाब होता है। 

बीते चार चुनावों की स्थिति 
वर्ष  
         विजेता                   उपविजेता  
2014      भाजपा  4,72,999       कांग्रेस 4,07,909  
2009      बसपा  354807       सपा  269934  
2004       सपा  353272       बसपा  326444   
1999     बसपा 235659      रालोद 213352  
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सुरेश राणा को सहारनपुर और बिजनौर की जिम्मेदारी
भाजपा ने प्रदेश के गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा को सहारनपुर और बिजनौर लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है। थानाभवन से विधायक एवं गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा भाजपा में फायर ब्रांड नेता के रूप में जाने जाते हैं।
मुजफ्फरनगर में 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगे के दौरान भी उन पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगे थे तथा रासुका भी लगाई गई थी। इसके बाद सुरेश राणा की पहचान फायर ब्रांड नेता के रूप में हो गई थी।

अब लोस चुनाव के लिए भाजपा ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा मंत्रियों को अलग अलग लोकसभा क्षेत्र में पार्टी के प्रत्याशी को जीत दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी है। सुरेश राणा को सहारनपुर के साथ ही  बिजनौर लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।

मुजफ्फरनगर जनपद से सटे दोनों ही लोकसभा क्षेत्रों में गन्ना विकास राज्य मंत्री की जिम्मेदारी लगाना कई संदेश देता है। क्योंकि मुजफ्फरनगर जनपद की सीमा बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में  भी आती है तथा जहां से मुजफ्फरनगर के दंगे की शुरुआत हुई थी,  वह इलाका भी बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में आता है।
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