2014 में हुए लोकसभा चुनाव में सहारनपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी राघव लखनपाल शर्मा ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 4,72,999 वोट मिले थे,जबकि दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद को 4,07,909 वोट मिले थे। वहीं, बसपा प्रत्याशी जगदीश सिंह राणा को 235033 वोट मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी शाजान मसूद 52,765 लेकर चौथे नंबर पर रहे थे।
इस बार चुनाव में सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन है। गठबंधन की तरफ से हाजी फजलुर्रहमान को प्रत्याशी बनाया गया है, तो कांग्रेस ने फिर से इमरान मसूद को ही चुनाव मैदान में उतार दिया है। जातीय समीकरणों पर गौर करें तो सहारनपुर लोकसभा सीट पर करीब छह लाख मुस्लिम मतदाता हैं।
कांग्रेस और गठबंधन की तरफ से भी मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव में उतारा गया है, जिस कारण दोनों ही प्रत्याशियों के बीच ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम मत हासिल करने की होड़ रहेगी। अब देखना यह होगा कि कौन प्रत्याशी अपनी रणनीति में कितना कामयाब होता है।
बीते चार चुनावों की स्थिति
वर्ष विजेता उपविजेता
2014 भाजपा 4,72,999 कांग्रेस 4,07,909
2009 बसपा 354807 सपा 269934
2004 सपा 353272 बसपा 326444
1999 बसपा 235659 रालोद 213352
सुरेश राणा को सहारनपुर और बिजनौर की जिम्मेदारी
भाजपा ने प्रदेश के गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा को सहारनपुर और बिजनौर लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है। थानाभवन से विधायक एवं गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा भाजपा में फायर ब्रांड नेता के रूप में जाने जाते हैं।
मुजफ्फरनगर में 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगे के दौरान भी उन पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगे थे तथा रासुका भी लगाई गई थी। इसके बाद सुरेश राणा की पहचान फायर ब्रांड नेता के रूप में हो गई थी।
अब लोस चुनाव के लिए भाजपा ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा मंत्रियों को अलग अलग लोकसभा क्षेत्र में पार्टी के प्रत्याशी को जीत दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी है। सुरेश राणा को सहारनपुर के साथ ही बिजनौर लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।
मुजफ्फरनगर जनपद से सटे दोनों ही लोकसभा क्षेत्रों में गन्ना विकास राज्य मंत्री की जिम्मेदारी लगाना कई संदेश देता है। क्योंकि मुजफ्फरनगर जनपद की सीमा बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में भी आती है तथा जहां से मुजफ्फरनगर के दंगे की शुरुआत हुई थी, वह इलाका भी बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में आता है।