सीएम योगी से बात करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेरठ में गुरुवार को हुई रैली अब तक की उनकी तीसरी रैली थी। भीड़ की दृष्टि से हालांकि यह रैली पिछली रैलियों की तुलना में बहुत फीकी रही, लेकिन नरेंद्र मोदी पूरे रंग में नजर आए। बहुत ही सधे हुए अंदाज में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर स्थानीय कानून-व्यवस्था तक की बात उठाई तो गन्ना बेल्ट में किसानों की नब्ज पर भी हाथ रखा।
लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश और उसमें भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश को साधना सबसे मुश्किल काम है। जिस किसी दल ने भी पश्चिम को साधा, उसकी हवा पूर्वी उत्तर प्रदेश तक गई। लोकसभा चुनाव 2014 और विधानसभा चुनाव 2017 भाजपा के लिए इसका सुखद उदाहरण है। चुनाव ही शुरुआत यहीं से हुई और यहीं से जीत की पटकथा लिखी गई। ऐसे में यह रैली भाजपा के लिए अहम थी। यह बात अलग है कि भाजपाई इस रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटा सके।
रैली में नरेंद्र मोदी ने यहां तक कह दिया कि देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दूंगा। आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं करेंगे। आतंकवाद के मुद्दे पर उन्होंने सीधे कांग्रेस पर वार किया तो सर्जिकल और एअर स्ट्राइक को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। गठबंधन पर भी चुटकी ली और कहा कि जिन्हें 10 साल तक मायावती जेल भेजने के सपने देखती रहीं, अब उन्हीं से हाथ मिला लिया। जो उन्हें मारने की फिराक में थे, अब सत्ता के लालच में उनके साथ हैं।
हालांकि नरेंद्र मोदी होमवर्क करके आए थे। कहा कि मायावती ने प्रदेश की सरकारी चीनी मिलें औने-पौने दाम पर बेच दीं। इससे पता चलता है कि कौन किसान विरोधी और कौन हितैषी है। उन्होंने मेरठ की 1857 की क्रांति का जिक्र किया। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे, क्षेत्रीय हवाई उड़ान, मेट्रो प्रोजेक्ट, रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट, मेरठ से प्रयागराज तक एक्सप्रेस-वे सहित पासपोर्ट सेवा केंद्र तक का जिक्र किया।
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