वोट डालने के लिए लाइन में लगी मुस्लिम महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
बागपत के समर में भाजपा प्रत्याशी एवं केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह और रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। ध्रुवीकरण साफ नजर आया। बसपा-सपा और रालोद ने नल चलाया तो कांग्रेस का साथ भी था। भाजपा के वोट बैंक ने भी बूथों तक पहुंचकर कमल खिलाया। परिणाम जाट मतों के ध्रुवीकरण और बिखराव पर टिका है।
मुकाबला इस बार सीधा था। यही वजह है कि मुस्लिम वोटों का रुख साफ होने के बाद जाट वोट हार जीत का फैसला करने की स्थिति में आ गए थे। छपरौली विधानसभा क्षेत्र में इस बार 65 फीसदी वोट पड़े। जाट, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र की यह सीट परंपरागत रूप से रालोद की है। यहां पर भाजपा ने भी जाटों को रिझाने के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रैली कराई। बड़ौत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जाट वोटों पर ही डोरे डाले थे। कयास अपनी जगह है, लेकिन छपरौली के कितने फीसदी जाट भाजपा के पाले में खड़े हैं, इसी से नतीजा तय होगा। सिवाल खास सीट पर भी जाट और मुस्लिम निर्णायक स्थिति में है। यहां के मत भी हार जीत तय करेंगे। बड़ौत और बागपत सीट पर भी भाजपा और रालोद के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। गाजियाबाद की मोदीनगर सीट पर भी कड़ा मुकाबला हुआ।
मुस्लिमों ने किया बंपर मतदान
मुस्लिमों ने भी बंपर वोट डाले। निवाड़ा में 70 फीसदी से अधिक वोट पड़े। बागपत के अलावा रटौल, असारा समेत अन्य मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बंपर मतदान हुआ। बड़ौत में मुस्लिम बाहुल्य बूथ क्षेत्र वीर स्मारक इंटर कॉलेज, पठानकोट, पट्टी चौधरान प्राइमरी पाठशाला, कोताना, बरनावा में सुबह से ही मुस्लिम मतदाता, जिनमें महिलाओं की संख्या बहुत अधिक थी। वीर स्मारक इंटर कॉलेज में 7:30 बजे तक 30 प्रतिशत मतदान हो चुका था। वहीं बागपत, रटौल, छपरौली, नंगला, सिनौली, शबगा में मुस्लिम बूथों पर मतदाताओं की संख्या ज्यादा देखने को मिली।
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