सभी किसानों को नहीं मिला ऋण माफी का लाभ
मुजफ्फरनगर
कृषि विभाग में कुल एक लाख 18 हजार किसान हैं, जो साधन सहकारी समितियों और बैंकों से ऋण लेते हैं। इसी के साथ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में लगभग दो लाख किसानों का चयन किया गया है, इनमें से 51 हजार किसानों के खातों में दो हजार रुपये के हिसाब से पहली किश्त पहुंच चुकी है। काजीखेड़ा गांव के किसान विदित मलिक कहते हैं कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ सभी किसानों को नहीं मिला है। समय पर ऋण का पैसा जमा करने वाले किसानों को ऋण माफी का लाभ नहीं दिया गया। बड़सू गांव के किसान सुनील सैनी कहते हैं कि पहली बार किसी सरकार ने किसानों के खातों में सीधे पैसे भेजने का काम किया है। गरीब और छोटी जोत के किसानों के लिए यह बड़ी योजना है।
साढ़े चार लाख किसानों के वोट तय करेंगे परिणाम
बिजनौर
साढ़े चार लाख परिवार खेती से जुड़े हैं और 90 फीसदी वोट इन्हीं के परिवारों से आते हैं। गन्ने सहित सभी फसलों से जिले के किसान हर साल करीब सात हजार करोड़ रुपये कमाते हैं। जिले के किसानों पर 4635 करोड़ रुपये का कर्ज है। संपूर्ण कर्ज माफी अभी एक बड़ा मुद्दा है। गांव चमरौला निवासी नौबहार सिंह का एक लाख का कर्ज माफ हुआ। वे बताते हैं कि एक लाख रुपये का कर्ज माफ होने से उन्हें बहुत फायदा हुआ है। गांव गजरौला निवासी नरेंद्र सिंह, इलियास आदि का कहना है कि उनके खाते में अभी दो हजार रुपये नहीं आए हैं, बाकी गांव वालों के खाते में आ गए। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार किसान सभी प्रत्याशियों को परखकर वोट देंगे। कर्ज माफ होने से किसानों को फायदा तो हुआ है, लेकिन यह वोट की गारंटी नहीं। किसान किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। वह अपने मुद्दों पर वोट देंगे।
कर्ज माफी और पीएम सम्मान निधि से नहीं निकला समाधान
बागपत
कर्ज माफी और पीएम सम्मान योजना से राहत की फुहारें जरूर पड़ी है, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं निकल सका है। जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या सवा लाख हैं। कर्जमाफी के दायरे में इनमें सिर्फ 25 हजार किसान ही आए। अधिकतर किसान योजना का लाभ लेने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लिए अभी तक जिले के एक लाख सात सौ किसानों का डाटा लॉक हो चुका है, लेकिन सम्मान की धनराशि सिर्फ 35 हजार किसानों तक ही पहुंची है। छपरौली के किसान देवेंद्र कुमार कहते हैं कि दो हजार रुपये की योजना छोटी जोत के किसानों के लिए फायदेमंद हैं। कम ही सही इससे कहीं न कहीं राहत जरूर मिलेगी। सरूरपुर कलां के किसान सुभाष नैन कहते हैं कि सरकार दो हजार रुपये दे रही है, लेकिन आय दोगुनी करने का दावा किया गया था। किसानों की समस्याएं कम होती नहीं दिख रही है।
कहां कितना किसानों का कर्ज माफ हुआ और कितनी मिली सम्मान निधि
- बिजनौर
91 हजार किसानों का 555 करोड़ रुपये कर्ज माफ हुआ
1,73,782 किसानों के खाते में पहुंचे दो हजार रुपये
- मुजफ्फरनगर
50 हजार किसानों का 292 करोड़ का कर्ज माफ हुआ
51 हजार किसानों के खाते में पहुंची दो हजार रुपये की धनराशि
- शामली
29 हजार किसानों के खाते में आ चुकी है दो हजार रुपये की धनराशि
28,963 किसानों का लगभग 200 करोड़ रुपये का कर्ज हुआ माफ
- बागपत
35 हजार किसानों के खाते में पहुंचे दो हजार रुपये
24 हजार किसान आए थे कर्ज माफी के दायरे में
- सहारनपुर
74 हजार किसानों का जिले में हुआ था कर्ज माफ
1.70 हजार किसानों के खाते में भेजे दो हजार रुपये
- मेरठ
57 हजार किसानों का 384 करोड़ रुपये कर्ज हुआ था माफ
50 हजार किसानों के खाते में पहुंची दो हजार रुपये की धनराशि
मोदी सरकार पहली ऐसी सरकार है जिसने किसानों के दर्द को समझा है। किसानों का न केवल एक लाख रुपये तक का लोन माफ किया गया है बल्कि दो हेक्टेयर तक के सभी किसानों के खातों में 2 हजार रुपये की पीएम किसान सम्मान निधि भेजी गई है। किसान सरकार से पूरी तरह खुश है।
- ठाकुर विजय पाल सिंह, राज्यसभा सांसद भाजपा
किसानों को दो हजार की खैरात की जरूरत नहीं बल्कि उनकी फसल का डेढ़ गुणा दाम देने की जरूरत है। प्रदेश की शुगर इंडस्ट्री पर 11000 करोड़ रुपये बकाया है। किसानों के बच्चों की फीस तक नहीं जा रही है। लोकसभा चुनाव में किसान हिसाब चुकता करेगा।
- सरदार वीएम सिंह, राष्ट्रीय संयोजक राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
-रिपोर्ट : मेरठ से राजदीप जाखड़, बिजनौर से अजित चौधरी, सहारनपुर से देवेंद्र कुमार, बागपत से मदन बालियान, शामली से रोहित अग्रवाल और मुजफ्फरनगर से रणवीर सैनी
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