इस बार गठबंधन की वजह से भाजपा के लिये अपनी सीटें बचाने की चुनौती बेहद कड़ी हो गई है। मतदान का रुख भी बहुत कुछ तय करेगा। चुप्पी साधे बैठे वोटर मतदान में भारी उलटफेर कर सकते हैं। चूंकि वेस्ट यूपी का पहले दौन का मतदान काफी कुछ आगे के चुनाव की दिशा तय करेगा इसलिए पूरे देश की निगाह यहां पर लगी हुई है...
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट- यहां किसी के लिए भी जीत की राह नहीं आसान
चुनावी महासंग्राम में उतरे सूरमाओं ने अपने पक्ष में समीकरण बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। सबके अपने-अपने जीत के दावे हैं। जातिगत आंकड़ों की फेहरिस्त हैं। मगर किसी के लिए भी राह आसान नहीं है।
भाजपा को ध्रुवीकरण और मोदी का सहारा
भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र अग्रवाल हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में हैं। राजेंद्र अग्रवाल का मानना है कि इस बार वैश्य, गुर्जर, ब्राह्मण, जाट, पंजाबी, त्यागी, पिछड़ों का वोट उन्हें मिल रहा है। हालांकि भाजपा ध्रुवीकरण और मोदी के सहारे मैदान में है। एससी और मुस्लिम वोट भाजपा के लिए बड़ी चिंता का कारण है।
कांग्रेस से हरेंद्र अग्रवाल वैश्य वोटों में सेंध लगा सकते हैं। पिछली बार भाजपा को जाट वोट भरपूर मिले थे, लेकिन इस बार गठबंधन के कारण जाट वोटों को समेटना चुनौती होगा। भाजपाई रणनीतिकार मानते हैं कि ज्यादा मतदान हुआ, तो भाजपा को ही लाभ होगा।
वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव का हाल
| प्रत्याशी |
पार्टी |
मिले वोट |
| राजेंद्र अग्रवाल |
भाजपा |
532981 |
| शाहिद अखलाक |
बसपा |
300655 |
| शाहिद मंजूर |
सपा |
211759 |
| नगमा |
कांग्रेस |
42911 |
जीत के समीकरण
वैश्य 2,25,000
ठाकुर 60,000
ब्राह्मण 1,50,000
त्यागी 60,000
जाट 1,00,000
गुर्जर 90,000
मुस्लिम 5,50,000
दलित 3,00,000
पंजाबी 50,000
अन्य 3,30,000
इस सीट की विधानसभाएं- मेरठ शहर, मेरठ कैंट,मेरठ दक्षिण, किठौर, हापुड़
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