शहर का अलग ही है मिजाज
हकीकतनगर के रामलीला मैदान पर युवा चर्चा कर रहे हैं। हकीकतनगर निवासी विक्की पाहवा कहते हैं कि भाजपा की सरकार में अहम फैसले हुए, सेना का मनोबल बढ़ा। आवास विकास निवासी चंद्रमोहन त्यागी कहते हैं कि बिजली आपूर्ति बढ़ी, अपराध खत्म हुआ। अमित सेठी, दीपक दहिया और प्रभात शर्मा कहते हैं कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से देश का मान बढ़ा है। राष्ट्रवाद के नाम पर वह वोट करेंगे। शहर के रायवाला बाजार में खरीदारी करने आई मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक का मुद्दा उठाने के लिए भाजपा की तारीफ करती है, लेकिन वोट अपने विवेक से देने की बात कहती हैं। खाता खेड़ी में वुड कार्विंग की दुकान पर डाइनिंग टेबल तैयार कर रहे अब्दुल कादिर, इकबाल और वसीम कहते हैं कि हम उसके साथ हैं, जो हमारा साथ देता है।
अहम मुद्दे
वुड कार्विंग उद्योग को बढ़ावा मिले, लकड़ी डिपो की स्थापना, दिल्ली सहारनपुर हाईवे का निर्माण, यूनिवर्सिटी की स्थापना, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली की बढ़ी दरें आम आदमी से जुड़ा मुद्दा हैं।
मतदान प्रतिशत करेगा फैसला
लोकसभा क्षेत्र सहारनपुर में सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, बेहट, देवबंद और रामपुर मनिहारान शामिल हैं। सर्वाधिक मतदाता 4,04,409 सहारनपुर नगर विधानसभा क्षेत्र में हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में 73.43 प्रतिशत मतदान सहारनपुर लोकसभा सीट पर हुआ था। इस बार मतदान प्रतिशत कितना रहता है, यह भी हार जीत का आंकड़ा तय करेगा।
सहारनपुर से अब तक चुने गए सांसद
1952 अजित प्रसाद जैन, कांग्रेस
1957 सुंदरलाल कांग्रेस
1957 अजित प्रसाद जैन, कांग्रेस
1962 सुंदरलाल, कांग्रेस
1967 सुंदरलाल, कांग्रेस
1971 सुंदरलाल, कांग्रेस
1977 रशीद मसूद जनता पार्टी
1980 रशीद मसूद जनता दल
(सेक्युलर)
1984 चौधरी यशपाल सिंह कांग्रेस
1989 रशीद मसूद जनता दल
1991 रशीद मसूद जनता दल
1996 नकली सिंह भाजपा
1998 नकली सिंह भाजपा
1999 मंसूर अली खान बसपा
2004 रशीद मसूद सपा
2009 जगदीश राणा बसपा
2014 राघव लखनपाल भाजपा
इस बार मतदाताओं की संख्या
वोटरों की संख्या 17,22,580
महिला वोटर 8,00,393
पुरुष वोटर 9,22,046
थर्ड जेंडर 141
क्या कहता है देवबंद
विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद के गेट के सामने मोहम्मद फैजान की चाय की दुकान पर बैठे मोहम्मद नसीम, अब्दुल हफीज, आदिल, मोहम्मद फारुख, इस्लाम और शहजाद के अपने अपने तर्क हैं। स्थानीय स्तर पर इनकी च्वाइस भी अलग-अलग है। राजनीतिक दलों की पैंतरेबाजी भी समझ रहे हैं, किसे वोट देना है मन बना लिया है, लेकिन पत्ते नहीं खोल रहे हैं। इनका कहना है कि अभी सात अप्रैल को देवबंद में सपा, बसपा, रालोद गठबंधन की साझा रैली होगी, जिसके बाद सियासी समीकरण बदलेंगे।
जातीय समीकरण
इस सीट पर कुल 17,22,580 मतदाताओं में सर्वाधिक मुस्लिम करीब छह लाख हैं। दूसरे नंबर पर करीब तीन लाख वोटर अनुसूचित जाति वर्ग के हैं। इसके अलावा गुर्जर करीब डेढ़ लाख, पंजाबी और सिख करीब पौने दो लाख, वैश्य करीब एक लाख के अलावा सैनी, कश्यप, जाट सहित अन्य जातियों के वोटर हैं। मुस्लिम वोटरों पर कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद और गठबंधन से प्रत्याशी हाजी फजलुर्रहमान दावा कर रहे है, मुस्लिमों में भी कुरैशी, तेली, गाड़ा, शेख और अन्य बिरादरियों के मतदाता हैं। बिरादरियों के मुताबिक नेता अपने समीकरण साध रहे हैं। परिणाम का दारोमदार इसी पर टिका है कि मुस्लिम परंपरानुसार किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में जाएगा या बंटेगा।
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