भंग और शराब से होली का रंग
होली का त्यौहार हो और ऊपर से चुनाव। ऐसे में भंग की तरंग और शराब की खुमारी तारी न हो, भला ऐसा हो सकता है क्या? होली आयोजन में इसका पुख्ता इंतजाम किया गया है। विभिन्न आयोजनों में इसकी पूरी व्यवस्था है। दो दिन के इस धमाल में वोटों के पूरे गणित पर अलग ही अंदाज में चर्चा रहेगी।
मोदी मुखौटा, प्रियंका टी शर्ट
होली की पूरी किट बाजार में मौजूद है। मानों रंगों की बौछार से ही हुलियारे एक-दूसरे दल को ध्वस्त कर देंगे। कहीं मोदी मुखौटे बाजार में छाए हैं तो कहीं प्रियंका टीशर्ट। केजरीवाल पिचकारी भी खूब इठला रही है। यहां तक कि पिचकारियों के साइज के आकार पर नेताओं का नाम रखने की कोशिश की गई है।
......चंदा है तू
जहां एक ओर नेताजी टिकट न मिलने से परेशान हैं तो वहीं जनता जनार्दन मजे लेने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। जो भी दावेदार हैं, उनसे फोन कर पूछा जा रहा है कि भाई साहब! क्या हुआ? इंतजार करो का जवाब आने पर फिर इधर से चुनावी शॉट मारा जाता है। लेकिन भाई साहब नाम तो आपका सबसे ऊपर चल रहा है। बच्चे-बच्चे की जुबान पर आपका ही नाम है। इधर, नेताजी फूलकर कुप्पा हुए और उधर तपाक से शॉट आया। होली का कॉलोनी में प्रोग्राम रखा है। वो दूसरे कह रहे थे, मगर हमने साफ कह दिया कि भाई साहब ही आएंगे। हां हां। और नेताजी ने भी मुरझाए चेहरे और दिल पर हाथ रखकर कहा बढ़िया किया। मेरी तरफ से 11 हजार के चंदे की पर्ची काट देना।
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