दरअसल, कैराना से सांसद हुकुम सिंह की मृत्यु के बाद रिक्त हुई इस सीट पर जब 2018 में उपचुनाव हुआ, तो उसमें भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह हार गई थीं और गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम हसन जीती थीं। कैराना लोकसभा सीट के दो विधानसभा क्षेत्र नकुड़ और गंगोह सहारनपुर जनपद में हैं। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को इन्हीं दोनों सीटों पर नुकसान झेलना पड़ा था। इस बार भाजपा ने गंगोह से विधायक प्रदीप चौधरी को मैदान में उतारा, ताकि उपचुनाव में हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। तबस्सुम हसन को प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार वह रालोद के टिकट पर नहीं हैं, बल्कि समाजवादी के टिकट पर चुनाव लड़ीं हैं।
दोनों सीटों पर जातीय समीकरण
गंगोह में 1.10 लाख मुस्लिम, अनुसूचित जाति के करीब 45 हजार मतदाता हैं, बाकी करीब सवा दो लाख मतदाताओं में हिंदू गुर्जर, जाट, ठाकुर, वैश्य, कश्यप, सैनी और अन्य जातियों के वोट हैं। इसी तरह नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में करीब 1.15 लाख मुस्लिम, करीब 70 हजार अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाता हैं, जबकि करीब दो लाख मतदाताओं में जाट, गुर्जर, सैनी, वैश्य, ब्राह्मण, कश्यप सहित अन्य जातियों के वोट हैं।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/