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मिशन 2019: संघ के स्वयंसेवक देंगे हिंदुत्व के एजेंडे को धार, करेंगे राष्ट्रीयता व हिंदुत्व का प्रचार

Sun, 17 Mar 2019 02:38 PM IST
Dimple Sirohi अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • हिंदू परंपराओं और आस्थाओं की रक्षा को लेकर शाखा के जरिये होगा प्रचार।
  • भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए अप्रत्यक्ष रुप से चल रहा अभियान। 
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक भले ही खुद को अराजनैतिक संगठन बताता हो। लेकिन उसके स्वयंसेवक भाजपा के लिए गोपनीय रूप से लोकसभा चुनाव में सक्रिय हैं। पिछले दिनों कई कार्यक्रमों के बाद ग्वालियर अधिवेशन में स्वयंसेवकों को शाखा के माध्यम से हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने का निर्देश दिया गया है। जिसमें ज्यादा से ज्यादा शाखा का विस्तार करने के साथ घर-घर जाकर संदेश प्रसारित करना मुख्य है। 
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भारतीय जनता पार्टी जो कभी जनसंघ पार्टी के नाम से जानी जाती थी। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक की राजनैतिक शाखा है। संघ परिवार ने भाजपा को मजबूत करने के लिए लगातार अपने बीच के प्रखर प्रचारकों को सीधे राजनीतिक धारा से लगातार जोड़ा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संघ की प्रचार शाखा से ही राजनीति की मुख्य धारा में आए हैं। जबकि भाजपा के जितने भी राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय इकाईयों तक संगठन महामंत्री हैं, वो सभी संघ की प्रमुख धारा से राजनीतिक धारा में आकर जुड़े हैं।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक का मुख्य मुद्दा राष्ट्रीयता के साथ हिंदुत्व रहा है। यह बात खुले मंच से संघ प्रमुख डॉ. मोहनराव भागवत भी कहते आ रहे हैं। मेरठ में आयोजित राष्ट्रोदय आयोजन में भी डॉ. मोहनराव भागवत ने हिंदुत्व को धर्म नहीं बल्कि संस्कृति और विचारधारा बताया था। 

साल 2014 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में घोषित कर चुनाव लड़ा था, जो कि उस समय कट्टर हिंदुत्व के चेहरे थे। यही कारण रहा कि मोदी लहर में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। लेकिन पिछले पांच वर्षों में हिंदुत्व की धार कहीं न कहीं कुंद होती नजर आयी है। उत्तर प्रदेश में भी भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाकर हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने का प्रयास किया। 
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राष्ट्रीयता और हिंदुत्व का प्रचार
पिछले दिनों आरएसएस ने जाति भेद को मिटाने की दिशा में काम करना शुरू किया। लेकिन उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। ऐसे में गोपनीय रुप से एक बार फिर कट्टर हिंदुत्व के एजेंडे को ही चुनाव में अपनाने की रणनीति तैयार हुई। 

ग्वालियर में पिछले दिनों हुए सम्मेलन में जहां शाखा विस्तार का लक्ष्य तय हुआ तो इन शाखाओं में स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाकर उन्हें संघ की नीतियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई। अहम विषय था हिंदू समाज की परंपराओं व आस्थाओं के रक्षण की आवश्यकता। इस विषय पर केरल आदि राज्यों के तमाम मामले भी उठाए गए।अधिवेशन में स्पष्ट किया गया कि यह मजबूती राजनैतिक रूप से मजबूत होने पर ही मिल सकती है। 

आरएसएस के स्वयंसेवक आतंकवाद, सीमाओं की सुरक्षा, सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के साथ ही हिंदुत्व को लेकर अपनी प्रचार टोली तैयार करेंगे। ये स्वयंसेवक सिर्फ शाखा में ही नहीं बल्कि घरों में जाकर भी व्यक्तिगत रुप से संपर्क करते हुए इस मिशन को पूरा करेंगे। 
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