चुनाव परिणाम पर चर्चा करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में कौन बनेगा सांसद यह बहस अब गांवों में हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ भी देखी जा सकती है। गांव के बुजुर्ग हुक्का पीते हुए चर्चा इसी पर करते दिखाई देते हैं कि जीत का सेहरा इस बार किसके सिर बंधेगा। भाजपा प्रभावित गांव के लोग संजीव बालियान को जीता रहे हैं तो रालोद प्रभावित गांव के लोग चौधरी अजित सिंह के सिर जीत का सेहरा बांध रहे हैं। गांव की गली से लेकर चौपालों तक पर यही बहस छिड़ी है।
मतगणना में अब केवल एक दिन शेष है। 23 मई को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी। मतगणना से पहले ही आम जनता में हार-जीत को लेकर बहस छिड़ी है, जो जिसका समर्थक है उसे वही जीतता दिखाई देता है। मोदी हराओ और मोदी जिताओ के बीच हुए चुनाव में वोटिंग भी सीधी हुई है। गांवों में चौपालों पर हुक्का पीते लोग अब केवल चुनाव पर ही चर्चा कर रहे हैं। सांसद कौन बनेगा और प्रधानमंत्री कौन होगा। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर सीधा चुनाव होने से इस बार किसी की भी एकतरफा जीत नहीं है। धर्म और जाति के हिसाब से हुक्के पीने के दौरान होने वाली चर्चा बदल जाती है। मुस्लिम गांवों में रालोद की जीत का दावा साफ नजर आता है। जाट समाज के लोग बड़ी संख्या में जहां चौधरी अजित सिंह के जीतने की बात करते हैं, वहीं एक वर्ग खुलकर भाजपा की जीत का दावा भी करता है। राजपूत, गुर्जर, सैनी, त्यागी, पाल, कश्यप आदि के गांवों में भाजपा की पक्की जीत के दावे होते दिखाई दे रहे हैं।
बुढ़ाना के गांव परासौली में ग्रामीण हुक्के पर चुनावी चर्चा करते हुए मिले। भोपाल शर्मा, भोपाल शर्मा, रणजीत सैनी, संदीप, राहुल आदि चुनाव में मुस्लिम, दलित और जाट का बड़ा भाग रालोद के पक्ष में बताते हैं। अन्य बिरादरी का भाजपा का समर्थन होने की बात करते है। हालांकि कुछ कहते है कि सभी जातियों का कुछ वोट दोनों प्रत्याशियों को मिला है। कहते है उन्हें भी बृृहस्पतिवार को आने वाले परिणाम का इंतजार है। कहते है कि कोई भी जीते वो जनता की भलाई के लिए कार्य करें।
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