फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव परिणाम: एक्जिट पोल छोड़, अपना गणित बैठाने में जुटे भाजपा और बसपा प्रत्याशी

Thu, 23 May 2019 11:11 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव का एक्जिट पोल भले ही आ गया हो पर बिजनौर लोकसभा सीट के भाजपा व बसपा प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का गणित बैठाने में जुटे हैं। दोनों प्रत्याशी अपनी जीत पक्की मान रहे हैं। दोनों अपनी जीत के आंकडे़ भी बता रहे हैं।

विज्ञापन

 
बिजनौर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी भारतेंद्र सिंह, बसपा प्रत्याशी मलूक नागर में सीधा मुकाबला नजर आया था। कांग्रेस प्रत्याशी नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी चुनावी लड़ाई में हैं। लोकसभा चुनाव का एक्जिट पोल भले ही आ गया है पर भाजपा व बसपा प्रत्याशी अभी भी अपनी जीत पक्की बता रहे हैं। बिजनौर लोकसभा सीट पर 1659659  मतदाता हैं। इनमें पांच लाख से ज्यादा मुस्लिम, तीन लाख से ज्यादा अनुसूचित जाति, डेढ़ लाख से ज्यादा गुर्जर, डेढ़ लाख से ज्यादा जाट मतदाता हैं। 

भाजपा प्रत्याशी भारतेंद्र सिंह कहते हैं कि इस बार चुनाव में मत प्रतिशत कम हुआ है। 2014 के चुनाव में मत प्रतिशत ज्यादा हुआ था। मुस्लिम बूथों पर इस बार मतदान कम हुआ है। 40,000 मतदाताओं ने इस बार पहली बार मतदान किया है। ये सभी मतदाता युवा थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करने वाले थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए जो गठबंधन बना उसमें वोट डालने वालों में उत्साह नहीं था। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने वालों में ज्यादा उत्साह रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदुओं का पूरा वोट मिला। जाटों में जो लोकदल के नेता व पदाधिकारी थे, उनके परिजनों ने भी भाजपा को वोट दिया है। नेता पदाधिकारियों का इक्का-दुक्का वोट कटा है। अनुसूचित जाति का भी काफी तादाद में वोट उन्हें मिला। गुर्जर वोट उन्हें 60 प्रतिशत व बसपा प्रत्याशी को 40 प्रतिशत मिला है। उनकी जीत पक्की है। जीत का आधार युवाओं का बढ़ा वोट मिलना व मुस्लिम बूथों पर कम मतदान होना है। 
विज्ञापन


‘भाजपा विरोधी सभी लोगों का मिला है वोट’
बसपा प्रत्याशी मलूक नागर के प्रतिनिधि विभूति सिंह अवाना ने कहा कि उन्हें मुस्लिम, अनुसूचित जाति व गुर्जरों का पूरा वोट मिला है। उनके अलावा 36 बिरादरी का वोट उन्हें मिला है। भाजपा से नाराज वोटर भी उन्हें ही वोट दिया है। जाटों ने बढ़-चढ़कर उन्हें मतदान किया। भाजपा के जो विरोध में हैं वे सब उनके साथ रहे। मुस्लिम व अनुसूचित जाति के वोटों में कोई सेंध नहीं लगी। मुस्लिमों ने बढ़चढ़कर मतदान किया है। ये ही उनकी जीत का आधार है। परिणाम आने के बाद खुद पता चल जाएगा कि उन्हें किसने कितना वोट दिया।
विज्ञापन


नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें