फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: लाभ चौघड़िया योग में आज मनाई जाएगी लोहड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

मेरठ। लोहड़ी पर्व मंगलवार को लाभ चौघड़िया योग में मनाया जाएगा। लोहड़ी प्रज्ज्वलित शाम 7:30 बजे होगी। लोहड़ी को सूर्य उपासना और ऋतु परिवर्तन से भी जोड़ा जाता है। इस बार पर्व पर ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है। मंगलवार को सूर्य, मंगल और शुक्र ग्रह मिलकर धन और समृद्धि से जुड़ा योग बना रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि इस दिन सूर्य मंगल की धनु राशि में युति से भौमादित्य योग और शुक्र के मकर राशि में होने से भी शुभ योग बन रहे हैं। सूर्य देव मान सम्मान और कॅरिअर में उन्नति प्रदान करेंगे। मंगल की मजबूती संपत्ति और जमीन जायदाद के कामों में मुनाफा दिला सकती है।
विज्ञापन

इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव कौशल वत्स ने बताया कि शुक्र ग्रह के प्रभाव से जीवन में सुख-सुविधाएं, प्रेम और धन का आगमन होगा। तीनों ग्रह एक साथ अनुकूल स्थिति में होते हैं तो इसे धन वर्षा योग के रूप में देखा जाता है। शुभ काम करने के लिए इस योग को बेहद शुभ माना जाता है।

बच्चे घर-घर जाकर गाते हैं गीत
ज्योतिषाचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि लोहड़ी उत्सव के दौरान बच्चे घर-घर जाकर लोक गीत गाते हैं। इससे खुश होकर लोग उन्हें खाने की चीजें, मिठाइयां और रुपये देते हैं। इस दिन किसी भी घर से किसी बच्चे का खाली हाथ लौटना शुभ नहीं होता है। ऐसे में लोग बच्चों को अपनी अपनी यथाशक्ति के अनुसार चीनी, गुड़, गजक, मक्का, मूंगफली, देते हैं। शाम के समय लोग अग्नि जलाते हैं और संगीत नृत्य करते हुए लुत्फ उठाते हैं। इसके बाद रात में मक्के की रोटी और सरसों का साग और खीर जैसे पारंपरिक भोजन बनाएं और खाए जाते हैं।आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि लोहड़ी के कई गीतों में आपको दुल्ला भट्टी का जिक्र भी मिलेगा। कहा जाता है अकबर के समय में दुल्ला भट्टी गरीब लोगों को पैसा दिया गया करता था। वह पंजाब की लड़कियों को बचाकर उनका विवाह भी करवाता था। इसकी वजह से आज भी लोग उन्हें याद करते हैं।
-
पोषक तत्वों के साथ मिलती है गर्माहट
- लोहड़ी से पहले ठंड बहुत ज्यादा होती है। ऐसे में आग जलाने से हमारे शरीर को गर्मी मिलती है। इसके अलावा आग में हम जो भी चीजें डालते हैं जैसे गुड़, तिल, मूंगफली, गजक, इत्यादि से शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं। जरूरतमंद लड़कियों को रेवड़ी खिलाने से दुर्भाग्य दूर हो जाता है।
विज्ञापन


-
मकर संक्रांति का भोग 15 को लगेगा
- 14 जनवरी (बुधवार) को अपराह्न 03:06 बजे सूर्य का मकर में प्रवेश होगा। इस दिन एकादशी होने के कारण चावल खाना वर्जित रहेगा। ऐसे में 15 जनवरी की सुबह मकर संक्रांति का भोग लगाया जाएगा। बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 8:30 बजे राधा गोविंद मंदिर में भोग लगाया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें