उन्होंने कहा कि अधिनियम और नियमावली का व्यापक
प्रचार-प्रसार कर इसे और अधिक जन उपयोगी बनाया जाएगा।आयुक्त सभागार में शनिवार को राज्य सूचना आयुक्त ने बागपत और हापुड़ के जन सूचना अधिकारियों व प्रथम अपीलीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने कहा कि सूचना न देने पर संबंधित जन सूचना अधिकारी पर अधिकतम 25 हजार रुपये का जुर्माना या उसके खिलाफ विभागीय कार्य की संस्तुति की जा सकती है।
बताया कि अधिनियम के तहत किसी भी आवेदक को यह अधिकार है कि वह किसी दस्तावेज देख सकता है, प्रति मांग सकता है, कार्य का निरीक्षण और किसी सामग्री का प्रमाणित नमूना ले सकता है।
इस दौरान मास्टर ट्रेनर राजेश मेहतानी ने अधिकारियों को अधिनियम और नियमावली की जानकारी दी। इस मौके पर सीडीओ हापुड़ कुणाल सिल्कू, एडीएम बागपत राकेश मालपानी,
अपर पुलिस अधीक्षक हापुड़ राम नारायण यादव, बागपत अजीजुल हक, सचिव बागपत-बड़ौत विकास प्राधिकरण मनोज कुमार सिंह, जिला वन अधिकारी मनीष मित्तल, उप निदेशक सूचना नवल कान्त तिवारी, क्षेत्रीय प्रदर्शनी अधिकारी सूचना आशुतोष चन्दोला, एआरएम रोडवेज बीपी अग्रवाल सहित जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी मौजूद रहे।