फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन: रोजी-रोटी के लाले पड़े तो निकल पड़े गांव की ओर, दर्दभरी है इनकी दास्तां

Fri, 08 May 2020 12:54 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
विज्ञापन
काम बंद हुआ तो अपने गांव की और निकल पड़े श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कोराना संक्रमण काल के दौरान श्रमिकों को काफी विपरीत हालात से जूझना पड़ रहा है। श्रमिकों ने कहा कि फैक्टरी बंद हो गई थी। जो जमा था चार पांच दिन खा लिया। अब ना काम था ना जेब में रुपये। घर आने का कोई साधन नहीं था क्या करते। झोला कंधे पर डाला और गांव की ओर चल दिए।

विज्ञापन


शामली से होकर गुजर रहे बिहार, बलिया और बदायूं के मजदूरों ने कुछ इसी तरह अपनी आपबीती सुनाई। शहर में सुबह करीब साढ़े आठ बजे बुढ़ाना रोड पर 15 लोग पैदल जाते हुए मिले। इनमें किसी के कंधे पर बैग लटका था तो कोई सिर पर बैग लेकर जा रहे थे। इनसे बातचीत की तो उनका कहना था कि वे राजस्थान के हनुमानगढ़ी में फैक्टरी में काम करते थे। लॉकडाउन में फैक्टरी बंद हो गई। उनके पास जो कुछ पैसे थे, वे खर्च हो गए। बुढ़ाना रोड पर रेलवे फाटक के निकट पैदल जा रहे दिव्यांग सहदेव पासवान और तीन बच्चे भी थी। 

यह भी पढ़ें: कोरोना का कहर: अंतिम विदाई का हक भी छीन रही ये महामारी, भावुक कर देंगी तस्वीरें
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि वे बिहार के रहने वाले हैं और करनाल में फैक्टरी में काम करते थे। तीन दिन पहले घर जाने के लिए पैदल निकले थे, लेकिन कहीं पर कोई बस या साधन नहीं मिला। इसी तरह करनाल रोड पर पैदल जा रहे छह लोगों ने बताया कि वे पंजाब के लुधियाना में फैक्टरी में काम करते थे। राशन और पैसे खत्म हो गए। खाने के लाले पड़े तो छह दिन पहले घर के लिए पैदल ही निकल लिए थे।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें