लॉकडाउन में बेबसी के हालात भी पैदा हो रहे हैं। बागपत जनपद के गौरीपुर गांव की नई बस्ती में पथरी का दर्द उठने से बीमार युवती की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस घर पहुंची। शव को तीन किमी दूर पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाने के लिए गाड़ी का इंतजाम नहीं हुआ। ऐसे में मजबूर परिवार को बैलगाड़ी पर शव रखकर ले जाना पड़ा।
गौरीपुर गांव की नई बस्ती निवासी सितारा (18) पुत्री अय्यूब बीमार थी। सोमवार सुबह पथरी का दर्द उठा। हालत इतनी खराब हुई कि कुछ ही मिनटों में सितारा की मौत हो गई। परिवार गम में डूब गया। पुलिस को जानकारी दी गई। निवाड़ा चौकी से पुलिस पहुंची। शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति बनीं, लेकिन गाड़ी का इंतजाम नहीं हुआ। लॉकडाउन के चलते कोई गाड़ी वाला ले जाने को तैयार नहीं था। ऐसे में परिजन खुद ही बैलगाड़ी
से शव को तीन किमी दूर पोस्टमार्टम हाउस लेकर गए।
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मां मुन्नी का कहना है कि पुलिस ने गाड़ी का इंतजाम करने में हाथ खड़े कर दिए। वह अपनी ही बैलगाड़ी में शव लेकर आए हैं। हालांकि उन्होंने एंबुलेंस को कोई कॉल नहीं की। भाई इमरान, शाहनवाज और शादाब का कहना है कि निजी गाड़ी वाले लॉकडाउन के कारण नहीं मिले, जिस कारण वह बैलगाड़ी से ही शव लेकर आए हैं।
निवाड़ा पुलिस चौकी इंचार्ज जनार्दन का कहना है कि युवती की घर पर ही मौत हुई थी। परिजनों की सहमति से ही शव बैलगाड़ी से पोस्टमार्टम हाउस तक लाया गया है।
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