ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में जाम छलकाने के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन सख्त हो गया है। पूरे घटनाक्रम को लेकर प्राचार्य कार्यालय की तरफ से सीएमएस को पत्र लिखकर शराब पार्टी में शामिल कर्मचारियों व अन्य स्टाफ के नाम मांगे गए हैं, ताकि उनके खिलाफ नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जा सके। ईएनटी विभाग से भी जवाब मांगा जा रहा है। जश्न में शामिल लोग सस्पेंड किए जा सकते हैं।
शनिवार को प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता अवकाश से लौट आए। उन्होंने सीएमएस डॉ. सुभाष सिंह को निर्देश दिए कि होली से एक दिन पहले शराब पार्टी में शामिल कर्मचारियों व अन्य स्टाफ की पूरी जानकारी उन्हें दी जाए। मौखिक आदेश के साथ ही लिखित में भी जवाब मांगा गया है। सीएमएस ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने का फैसला लिया है। ओटी के इंचार्ज से लेकर नर्सिंग स्टाफ पर भी गाज गिर सकती है। क्योंकि जिस वक्त जश्न चल रहा था तो वो भी ड्यूटी पर थे।
ये था मामला
होली से एक दिन पहले मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की तरफ से होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। करीब एक घंटे तक चले इस कार्यक्रम के बाद अधिकांश कर्मचारी लौट गए, लेकिन एक ग्रुुप ने कुछ ही देर के बाद ईएनटी विभाग की ओटी में शराब पार्टी शुरू कर दी।
जश्न की खुमारी कुछ इस कदर चढ़ी कि ओटी के बाहर डांस और हुुड़दंग शुरू हो गया। नशे में डूबे कर्मचारियों ने हाथ में शराब की बोतल लेकर फोटो खिंचाए। हुड़दंग मचा रहे कर्मचारियों को शांत करने के लिए मरीजों के तीमारदार पहुंचे तो उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया। पूरे मामले को अमर उजाला ने 23 मार्च के अंक में फोटो सहित प्रकाशित किया था।
----------कोट
बेहद गंभीर मामला है। अभी मैं छुट्टी पर था, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। सीएमएस से मामले की रिपोर्ट मांगी गई है, उनका जवाब आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. केके गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
जिस जगह जूते पहनकर जाना भी मना होता है, अगर वहां पर इस तरह से जश्न मनाया है तो यह बर्दास्त नहीं किया जाएगा। प्राचार्य से मामले पर बात हुई है। जांच कमेटी गठित की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी जाएगी। - डॉ. सुभाष सिंह, सीएमएस