मोहिउद्दीनपुर में दो दुकानों का लिंटर गिरा, दुकानदार दबा
परतापुर। मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल के सामने बुधवार दोपहर दो दुकानों का लिंटर गिरने से एक दुकानदार दब गया। व्यापारियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत मलवा हटवाकर दुकानदार को बाहर निकलवाया। घायल दुकानदार को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके सिर, हाथ और पैर में चोटें आई हैं। हादसे में दुकानदारों का हजारों रुपये का नुकसान हो गया।
क्षेत्र रैपिड रेल निर्माण कार्य के तहत पानी निकासी के लिए दुकानों से सटाकर नाले की खुदाई चल रही थी। इसी दौरान लक्ष्य दूध डेरी और बालाजी मेडिकल स्टोर की दीवार बैठ गई। इससे दुकानों के लिंटर गिर गए। मलबे में कई लोगों के दबे होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत राहत कार्य शुरू कराया। सीओ ब्रह्मपुरी ने भी मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली। करीब आधे घंटे बाद लक्ष्य दूध डेरी के मालिक काजमाबाद गून निवासी गजेंद्र को मलबे से निकाला गया। पुलिस ने उसे श्रवण अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान उसके परिजन परेशान रहे।
वहीं मेडिकल स्टोर के मालिक अभिषेक निवासी गोविंदपुरी मोदीनगर घटना में बाल बाल बच गए। घटना के बाद से आसपास के दुकानदार दहशत में रहे। उनका कहना है कि नाला निर्माण से अन्य दुकानों को भी खतरा है। ठेकेदार कभी मौके पर नहीं आता और कर्मचारी लापरवाही से काम कर रहे हैं। उन्होंने दुकानों से दूर नाला बनाए जाने की मांग की। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस कारण हाईवे पर जाम लग गया। पुलिस ने लोगों को लाठियां फटकार कर भगाया। इसके बाद वाहनों का आवागमन सुचारु हो सका।
मुरादनगर की घटना से नहीं लिया सबक
कुछ दिन पूर्व मुरादनगर में श्मशान घाट पर लिंटर गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने जर्जर भवनों की निगरानी को आदेश दिए थे। इसके बाद भी संबंधित विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अगर मुरादनगर की घटना से सबक लिया होता तो मोहिउद्दीनपुर में इस हादसे से बचा जा सकता था।