जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि हर साल त्योहारों के दौरान शराब माफिया सक्रिय हो जाते हैं और नकली या जहरीली शराब बेचकर लोगों की जान जोखिम में डालते हैं। इस बार विभाग ने रणनीति बदलते हुए ऐसे 54 प्रतिष्ठानों को लाइसेंस जारी किए हैं, जिनमें होटल, कैफे और फार्म हाउस भी शामिल हैं। इन स्थानों पर अब एक दिन के लिए वैध रूप से शराब परोसी जा सकेगी।
प्रदीप कुमार ने बताया कि एक दिन की अनुमति के लिए प्रत्येक संस्था को 11 हजार रुपये बतौर शुल्क देना होगा। सेक्टर एक से 13, सेक्टर दो से 20, सेक्टर तीन से नौ और सेक्टर चार से 11 लोगों को लाइसेंस जारी किए गए हैं। सर्किल तीन में दो प्रतिष्ठानों को यह अनुमति दी गई है। सभी लाइसेंसधारकों को शराब की खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहेगी और कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा।
दीपावली पर बढ़ती है शराब की खपत
आबकारी विभाग के मुताबिक दीपावली पर शराब की खपत सामान्य दिनों की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। ऐसे में माफिया सक्रिय होकर सस्ती और नकली शराब बेचने की कोशिश करते हैं। इस बार विभाग ने साफ किया है कि केवल अधिकृत स्थानों से ही शराब बेची जा सकेगी, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और प्रमाणित उत्पाद मिले।