कुलदीप को साक्ष्य के अभाव में 30 सितंबर को दोषमुक्त कर दिया गया था। सोमवार को प्रकरण की सुनवाई एडीजे पंचम कृष्ण कुमार सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने अभियुक्त कर्मवीर को उम्रकैद और ढाई लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार भी अदालत में मौजूद रहा।
लालच देकर बुलाया और बेरहमी से की हत्या
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता प्रवेश कुमार ने बताया कि अभियुक्त ने बहाने से बालक को घर बुलाया। उसे दस रुपये देने और चाऊमीन खिलाने का लालच दिया गया था। कुकर्म के बाद दरांती से गर्दन और कंधे पर सात वार कर हत्या कर दी गई थी।
फांसी पर लटकता दरिंदा तो मिल जाता चैन
अदालत में सुनवाई के दौरान मृतक के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। पिता ने कहा कि दरिंदा अगर फांसी पर लटकाया जाता तो उन्हें चैन मिल जाता। हैवान ने उनके घर को उजाड़ दिया।
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