मेरठ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-तीन) जयेंद्र कुमार ने जानी थाना क्षेत्र के गांव कलंजरी में नौ साल पहले हुई ओमवीर की हत्या में गांव के ही ईश्वर दयाल को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जानी थाने पर 12 जून 2016 को रामवीर ने अपने भाई ओमवीर की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही ईश्वर दयाल ने उसके भाई ओमवीर की पेट में चाकू मारकर हत्या कर दी। जानी थाना पुलिस ने आरोपी ईश्वर दयाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके खिलाफ 2017 में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया था।
अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। ट्रायल के दौरान ईश्वर दयाल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। अभियोजन पक्ष ने गवाह और साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। शुक्रवार को अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए साक्ष्यों के आधार पर ईश्वर दयाल को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।