मेरठ। टीपीनगर थाना क्षेत्र के मोहकमपुर में शुक्रवार की दोपहर बंद मकान में तेज धमाके के साथ गैस सिलिंडर फटने से दहशत व्याप्त हो गई। धमाके से मकान के टिन शेड के परखच्चे कई मीटर दूर तक पड़ोसियों के घरों पर जा गिरे। चार घरों की दीवारें चटक गई हैं। धमाका इतना तेज था कि घबराकर लोग मकानों से बाहर निकल आए। घटना के वक्त परिवार के सदस्य काम पर गए थे। जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने सिलेंडर फटने की वजहों की जांच शुरू कर दी है।
धमाका दोपहर करीब एक बजे मोहकमपुर निवासी तिलकराज के बंद मकान में तब हुआ जब परिवार के सदस्य दरवाजे पर ताला लगाकर काम करने जा चुके थे। तिलकराज मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी कुसुम देवी और बेटा मोहित मोहकमपुर की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। बताते हैं कि बंद पड़े मकान की रसोई में रखा गैस सिलिंडर तेज धमाके के साथ फट गया। सिलिंडर फटने के कारण मकान के दो कमरे और रसोई क़ी टिन शेड की छतें बिखर कर आसपास के मकानों के ऊपर जा गिरीं। घर में रखा सामान मलबे में तब्दील हो गया। धमाके के बाद घरों से निकलकर लोग दौड़े और कुछ देर में ही वहां तमाशबीनों की भीड़ लग गई। पड़ोसियों ने मकान मालिक तिलकराज और उसके बेटे मोहित को जानकारी दी।
कुछ देर बाद सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने टीपीनगर पुलिस और फायर ब्रिगेड की मौजूदगी में वजहों की जांच-पड़ताल की। भवन स्वामी के पुत्र माेहित ने पुलिस को बताया कि वह सुबह नौ बजे मकान पर ताला लगाकर काम पर चला गया था। सिलिंडर आठ दिन पहले ही बदला गया था। लीकेज होने की भी जानकारी नहीं थी। मोहित के अनुसार एक साल पहले ही मकान बनवाया गया था। सिलिंडर फटने से पांच लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। हादसे से पड़ोसी नरेंद्र, सविता देवी, विशाल और बलवीर के मकानों मकानों में दरार आ गई है।
इनसेट
हिल गए मकानों के खिड़की और दरवाजे
तेज धमाके के साथ फटे सिलिंडर की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। पड़ोसन सविता देवी ने बताया कि धमाके के वक्त वह अपने मकान में काम कर रहीं थीं। जब सिलेंडर फटा तब लगा कि तेज झटके के साथ भूकंप आ गया है। दरवाजे-खिड़कियां हिलने लगे। रसोई में रखे कई बर्तन नीचे गिर गए। लोगों का कहना था कि धमाके के बाद टिन शेड उखड़ गईं।
एफएसओ परतापुर विश्वास गर्ग ने बताया कि सिलेंडर फटने के समय मकान में कोई नहीं था। प्रभावित परिवार से जानकारी ली गई है। आशंका है कि सिलिंडर से गैस लीकेज हो रही थी। शॉर्ट सर्किट के कारण गैस ने आग पकड़ ली और सिलिंडर फट गया।