उसके भाई विकास और आरती ने ससुराल जाकर कल्पना से बात की थी। कल्पना ने शरीर पर चोट के निशान दिखाए थे। उसने बताया कि उस पर दो लाख रुपये दहेज में लाने का दबाव बनाया जा रहा था। उपचार के दौरान 19 मार्च को उसकी मृत्यु हो गई थी। मृत्यु से पूर्व पीड़िता के बयान दर्ज किए गए थे।
इसमें उसने चचिया ससुर दशरथ उर्फ रामदशरथ पर जलाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। कोर्ट ने केस की सुनवाई कर दशरथ उर्फ रामदशरथ को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। अर्थदंड न जमा करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि इस मामले में महिला के पति को भी नामजद कराया गया था लेकिन उसे साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। महिला के मृत्यु पूर्व दिए गए बयान के आधार पर चचिया ससुर पर दोष सिद्ध हुआ है।
पॉक्सो एक्ट के दोषी को तीन वर्ष का कारावास
नाबालिग से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी के मामले में कोर्ट ने दोषी परवेज को सजा सुनाई। उसे तीन वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड दिया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 13 दिसंबर 2017 का है। ब्रह्मपुरी थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले ने बताया कि परवेज ने उसकी बेटी से छेड़छाड़ की थी। पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। जांच के बाद 10 जनवरी 2018 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत हुआ था।
शराब के रुपये नहीं देने पर भतीजे की हत्या करने वाले को उम्रकैद
किठौर में शराब के रुपये न देने पर भतीजे रविंद्र की हत्या में दोषी चाचा विनोद को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। स्पेशल जज ईसी एक्ट ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
किठौर थाना क्षेत्र के कायस्थ बड्डा निवासी लच्छो ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि 7 अक्तूबर 2022 को उनका देवर विनोद उनके बेटे रविंद्र से शराब के लिए रुपये मांग रहा था। वह अक्सर परिवार के लोगोें से रुपये मांगता था। इसका उनके बेटे रविंद्र ने विरोध किया। इस बात पर दोनों चाचा-भतीजे में विवाद हो गया। इसी विवाद में विनोद ने चाकू से हमला कर रविंद्र की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों के अधिवक्ता की बहस के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी मनाते हुए विनोद को सजा सुनाई।