वेस्ट यूपी में 7 नए कृषि विज्ञान केंद्र खोलने के लिए विवि तैयारी में है। नए केवीके खुलने से जहां कृषि के क्षेत्र में शोध किए जाएंगे, वहीं किसानों को भी सीधे तौर पर वैज्ञानिक तकनीकी जानकारी देंगे। कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने यह स्वीकृति दी है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध 13 कृषि विज्ञान केंद्र और 2 कृषि ज्ञान केंद्र हैं। अब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने शामली, संभल, हापुड़, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, बदायूं, मुरादाबाद में नए कृषि विज्ञान खोलने के लिए स्वीकृति दी है। मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद के लिए केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री रहे डॉ. संजीव बालियान ने स्वीकृति दिलाई है। केवीके के खुलने से इन जनपदों के किसानों को तकनीकी जानकारी और कृषि के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों के बारे में वैज्ञानिक बताएंगे। विवि प्रशासन अब इन जनपदों में जमीन की तलाश में जुट गया है। जमीन के मिलते ही केवीके बनने शुरू हो जाएंगे।
यह होगा लाभ
एफएलडी बढ़ाएगा किसानों का ज्ञान।
गोष्ठी के माध्यम से समय-समय पर कृषि के बारे में बताया जाएगा।
फसलों में लगने वाले रोग और उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कृषि से जुड़े हुए छह एक्सपर्ट किसानों को अलग अलग विषयों के बारे में बताएंगे।
किसानों को मृदा परीक्षण के लिए भी जानकारी दी जाएगी।
जमीन के कारण अटका है मामला
सात नए केवीके के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने संबंधित जिलों के डीएम को पत्र भेजा है। कुछ स्थानों पर जमीन आसानी से उपलब्ध हो रही है, लेकिन कुछ स्थानों पर पेच फंसा हुआ है। इसे दूर करने के लिए विवि प्रशासन और स्थानीय प्रशासन लगा हुआ है। विवि प्रशासन को उम्मीद है कि आचार संहिता के बाद केवीके का रास्ता साफ हो जाएगा।
जल्द शुरू होगा काम
आईसीएआर ने सात नए केवीके बनाने के लिए स्वीकृति दे दी है। इन्हें बनाने की दिशा में विवि प्रशासन काम कर रहा है। जमीन मुहैया कराने के लिए स्थानीय प्रशासन से बात चल रही है। शीघ्र काम शुरू कराने का काम किया जाएगा। - डॉ. रघुवीर सिंह, निदेशक प्रसार
किसानों को मिलेगा लाभ
नए केवीके बनने से किसानों को लाभ मिलेगा। किसान वैज्ञानिकों के माध्यम से कृषि में अधिक मुनाफा ले सकेंगे। इनके बनने से क्षेत्रीय किसानों को लाभ मिलेगा और वह आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगे।
- डॉ. गया प्रसाद, कुलपति