यूपी के बिजनौर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां वन विभाग के संसाधनों की लाचारी सामने आई है। गांव खुशहालपुर मड़का में शुक्रवार देर शाम एक गुलदार यूकेलिप्टस के पेड़ पर बैठा दिखा। पेड़ के नीचे खड़े विभाग के डिप्टी रेंजर उसे भगाने को राइफल का ट्रिगर दबाते रहे लेकिन फायर नहीं हुआ।
बिजनौर जिले में गुलदार के खौफ के बीच वन विभाग के पास संसाधनों की लाचारी सामने आई है। वन विभाग की टीम ग्राम खुशहालपुर मड़का में नक्श (6) पुत्र भूदेव कश्यप को मारने वाले गुलदार की तलाश में लगी थी।
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शुक्रवार देर शाम एक गुलदार यूकेलिप्टस के पेड़ पर बैठा नजर आया। पेड़ के नीचे खड़े विभाग के डिप्टी रेंजर गोविंद सिंह उसे भगाने को राइफल का ट्रिगर दबाते रहे लेकिन फायर नहीं हुआ। तीन बार कोशिश करने के बावजूद राइफल के नहीं चलने पर टीम को पीछे हटना पड़ा।
गुलदार ने 19 अगस्त की रात नक्श कश्यप को मार डाला था। वन विभाग की टीम क्षेत्र में दो पिंजरे लगाने और ड्रोन उड़ाने के साथ खेतों में गश्त कर गुलदार को तलाश रही है। डिप्टी रेंजर के साथ शुक्रवार की देर रात गश्त कर रही वन विभाग की टीम घटना स्थल से लगभग 150 मीटर दूर खुशहालपुर मड़का-घोसीपुरा मार्ग पर थी। तभी सड़क किनारे यूकेलिप्टस के पेड़ पर गुलदार बैठा दिखाई दिया।
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सिर के ऊपर पेड़ पर बैठे गुलदार को भगाने के लिए डिप्टी रेंजर ने राइफल से हवाई फायर करने की तीन बार कोशिश की लेकिन फायर नहीं हुआ। सामाजिक वानिकी विभाग के पास जंगली जानवरों से स्वयं और ग्रामीण की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। विभाग के पास एक पुरानी राइफल, दो दोनाली बंदूक और 10 से 15 काफी पुराने कारतूस हैं।
डिप्टी रेंजर का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में रेंजर और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। वहीं वन विभाग ने खुशहालपुर मड़का के घटना स्थल के निकट यूकेलिप्टस के उस पेड़ के पास पिंजरा लगाया है जहां टीम को गुलदार दिखाई दिया।
शनिवार को गांव के आसपास घूमता रहा गुलदार
शनिवार की देर रात खुशहालपुर मड़का के ग्रामीणों में गांव के आसपास गुलदार की आहट से खौफ फैल गया। सूचना पर डिप्टी रेंजर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास पेट्रोलिंग की लेकिन गुलदार नहीं मिला। जलालाबाद क्षेत्र के गांव चौकपुरी में एक किसान ने रविवार को सुबह करीब पांच बजे गुलदार देखा।
गुलदार ने गाय पर किया हमला
कादराबाद। नवाबपुरा गांव में शनिवार रात गुलदार ने बलजीत की गाय पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया। ग्रामीणों ने गुलदार को जंगल में खदेड़ा। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने नवाबपुरा, तुरतपुर और चकफेरी में पिंजरे लगाए हैं। वन दरोगा सतबीर सिंह ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने की अपील की है।
रात भर दिया पहरा, जागकर कटी लोगों की रात
उधर, नहटौर के गांव मुस्सेपुर में दो वर्षीय मासूम मोहित उर्फ रोहित को गुलदार द्वारा चारपाई से उठाकर ले जाने और बाद में शव मिलने की घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत गहरा गई है। शनिवार रात गांव में लोगों ने जागकर पहरा दिया। ग्रामीणों ने टोली बनाकर गांव की गलियों और बाहरी क्षेत्र में निगरानी की। गुलदार के डर से लोग बच्चों को घर से बाहर निकालने से भी बचते रहे।
मासूम की मौत के बाद ग्रामीण जंगल और खेतों की ओर जाने से कतराते नजर आए। पशुओं के लिए चारा लेने की जरूरत पड़ने पर भी लोग अकेले खेतों में नहीं गए, बल्कि समूह बनाकर लाठी-डंडे लेकर चारा लेने पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और ईख की फसल में गुलदार छिपे होने की आशंका बनी हुई है, जिससे अकेले जाने में डर लग रहा है।
ग्रामीण अरुण चौधरी, विनीत कुमार, दिशु, भोले और राजवीर सिंह ने बताया कि मासूम की घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। रात में सभी लोग मिलकर पहरा दे रहे हैं। खेतों में भी समूह बनाकर ही जा रहे हैं, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
वहीं गुलदार की तलाश में वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ आसपास के खेतों में कांबिंग की। ड्रोन कैमरे से भी ईख के खेतों और आसपास के क्षेत्र में निगरानी की गई, लेकिन गुलदार का पता नहीं चल सका। विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के लिए दो पिंजरे भी लगाए गए हैं।