पूजा अर्चना के लिए आए श्रद्धालुओं को नजर आया, वीडिया बनाकर कैमरे में कैद किया
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर की सीढ़ियों और मंदिर के मुख्य द्वार पर बुधवार शाम तेंदुआ नजर आया। मंदिर में आए कुछ श्रद्धालुओं को यह तेंदुआ नजर आया। इसे देख वह मंदिर के अंदर चले गए। श्रद्धालुओं के अनुसार कुछ देर बाद तेंदुआ ऊपर चला गया। इस दौरान एक श्रद्धालु ने तेदुए को मोबाइल में कैद कर लिया। इसके बाद श्रद्धालुओं में दशहत बन गई। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को इसकी सूचना देंगे।
कस्बे में पांडव टीले के पूर्व दिशा में प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। इसके ऊपर की ओर प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर का मुख्य द्वार है। महाभारतकालीन महत्व के कारण दोनों मंदिरों में सुबह-शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बुधवार शाम करीब सात बजे कुछ श्रद्धालु पांडेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। कस्बा निवासी विक्रम चौधरी ने बताया कि जैसे ही वह पूजा-अर्चना के बाद मंदिर से बाहर निकले तो उन्हें दक्षिण द्वार पर जयंती माता मंदिर की सीढ़ियों पर एक तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। तेंदुए को देखकर आसपास मौजूद कुत्ते भौंकने लगे। तेंदुआ काफी नजदीक था। वह दहशत के कारण खड़े रहे और भागने की कोशिश नहीं की। कुछ देर बाद तेंदुआ जयंती माता मंदिर की ओर चला गया। उन्होंने मोबाइल से तेंदुए का वीडियो भी बनाया। इसके बाद यह बात गांव में फैल गई जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए।
प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि मंदिर क्षेत्र वन अभयारण्य से सटा होने के कारण यहां समय-समय पर तेंदुआ दिखाई देता है। हालांकि तेंदुए ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है।
मध्य गंग नहर के रास्ते पर भी दिख चुका है
मध्य गंग नहर के रास्ते पर भी कई बार राहगीरों को तेंदुआ दिखाई दे चुका है। शुक्रवार रात को जैन मंदिर के सीसीटीवी कैमरे में भी तेंदुआ कैद हुआ था। लगातार कई बार तेंदुआ नजर आने से यहां पर राहगीर भयभीत है। किसान खेत में जाने से भी डर रहे हैं। छात्रों को स्कूल भेजते हुए भी वह कतरा रहे हैं।
वर्जन
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि उन्हें तेंदुआ दिखाई देने की सूचना अभी नहीं मिली है। सूचना मिलने पर बीट प्रभारी को मौके पर भेजकर तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि कराई जाएगी।