- पंजों के निशान मिले, खेतों में जाने से डर रहे ग्रामीण, वन विभाग की टीम पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। सनौता गांव में दस्तक देने के बाद तेंदुए ने अब करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांव झिंझाडपुर में शनिवार देर रात एक बकरे और एक बकरी को खा लिया। एक बकरी घायल मिली है। मृत मवेशियों के लिए अवशेष मिलने के बाद से क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। पशुपालक और किसान दहशत के कारण खेतों में जाने से डर रहे हैं। वहीं, तेंदुए के हमले की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम पहुंची। टीम और ग्रामीणों को कुछ जगह पंजों के गहरे निशान मिले हैं। ग्रामीणों को अलर्ट रहने और सामूहिक रूप से ही निकलने की हिदायत दी है।
गांव झंझारपुर के बाहरी छोर पर अपने ही घेर में गांव निवासी नितिन उर्फ हैप्पी ने बकरी पालन कर रखा है। हैप्पी ने बताया वह घेर से रात 11:00 बजे करीब गांव में स्थित घर चला गया था। सुबह घेर में पहुंचा तो एक बकरा आधा खाया हुआ मिला। मौके पर ही खून पड़ा था। उसने सूचना ग्रामीणों को दी और बकरियों की गिनती की तो एक बकरी भी गायब थी। ग्रामीणों के साथ हैप्पी ने पास में ही जंगल में बकरी को तलाश करने का प्रयास किया। कुछ दूरी पर जाकर गन्ने के खेत में बकरी के कंकाल पड़े मिले। इसके अलावा घेर में एक अन्य बकरे पर भी हमला किया गया। उसके शरीर पर खरोंच के निशान पाए गए।
पशुपालक नितिन ने बताया कि नाली और जमीन पर पंजे के निशान दिखाई दिए हैं। डर के कारण अधिकतर किसान खेतों में काम करने नहीं गए जबकि गेहूं की कटाई का कार्य चल रहा है। वन विभाग की टीम से संदीप शर्मा, अतुल दूबे, खुशीराम सहित अन्य ने पहुंचकर मृत मवेशियों के अवशेषों की जांच की। टीम ने पशुपालक के बयान भी लिए। टीम के मुताबिक अब कैमरे से तेंदुए की निगरानी के प्रयास किए जाएंगे।
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गेहूं की चल रही कटाई, खेतों में कैसे जाएं
इस दौरान ग्रामीणों ने टीम से कहा कि ज्यादातर खेतों में गेहूं की कटाई चल रही है। किसानों के साथ ही कटाई के लिए मजदूरों को भी जाना होता है। तेंदुए की दहशत के बीच लोग खेतों तक नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में गेहूं की कटाई कैसे हो पाएगी। गांव के साजन प्रधान, मुनेश, सिद्धार्थ, सनी, बृजपाल, राजेंद्र, अग्रसेन, सलमान, विकास आदि का कहना है कि तेंदुए को जल्द ही पकड़ा जाए।
तेदुएं को पकडवाने की मांग करते हुए गांव वाले। (फलावदा)