कैंट इलाके से पकड़े गए तेंदुए की कानपुर चिड़ियाघर में दहशत है। उसके डर की वजह से दूसरे जानवरों ने खाना छोड़ दिया है। जानवरों को अलग शिफ्ट किया गया है। धीरे-धीरे तेंदुए का व्यवहार सामान्य हो रहा है। उसके घाव की ड्रेसिंग जारी है।
पिछले मंगलवार को मिलिट्री हॉस्पिटल में तेंदुए आ गया था। वहां से भागकर फाजलपुर में आर्मी क्वार्टर में घुसा। चार मजदूर घायल किए। इसके बाद मेस गोदाम में छिप गया था। डब्लूटीआई (वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया) और कानपुर चिड़ियाघर की टीम ने 51 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे पकड़ा। तेंदुए के सीधे पैर में घाव है। जिसकी वजह से उसे कानपुर चिड़ियाघर इलाज के लिए भेज दिया गया। चिड़ियाघर में तेंदुए को अलग रखा गया है।
वहां जानवरों का बड़ा अस्पताल है। वेटरनरी डॉक्टर आरके सिंह के मुताबिक अस्पताल में फिलहाल छह जानवरों का इलाज चल रहा है। तेंदुए के पहुंचने के बाद इलाज के लिए पहुुंचे दूसरे जानवरों ने खाना छोड़ दिया। तेंदुए की स्मैल से वह डरे हुए हैं। तेंदुए का खौफ इतना है कि वह खाना नहीं खा रहे। अब तेंदुए को उनसे अलग किया गया है। वह खाना खा रहा है। घाव में भी सुधार है। व्यवहार सामान्य हो रहा है। उधर, वन विभाग शहर में तेंदुए की दस्तक को लेकर गंभीर है। वह लोगों को जागरूक करने के लिए योजना बना रहा है। जल्द ही वर्कशॉप हो सकती है।