सहारनपुर के शिवालिक जंगल से बुधवार की तड़के निकला एक तेंदुआ अब्दुल्लापुर गांव के पास पहुंच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने अधिकारियों की अगुवाई में तेंदुए को पकड़ने का ऑपरेशन शुरू किया। मेरठ से ट्रैंक्यूलाइजर टीम बुलाई गई। ऑपरेशन के दौरान तेंदुए ने डिप्टी रेंजर समेत तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। जान बचाने के लिए टीम को कई राउंड फायर करने पड़े। गंभीर रूप से जख्मी किए गए डिप्टी रेंजर पीएन कुकरेती को बेहट सीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पूरा ऑपरेशन वन संरक्षक सुनील दुबे की अगुवाई में चला। देर रात तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका था।
बुधवार की अल सुबह बेहट के अब्दुल्लापुर गांव के चमेल सिंह ने अपने बाग में पेड़ के नीचे एक कुत्ते के बच्चे को खा रहे तेंदुए को देखा। उसने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। सूचना मिलने पर बेहट सामाजिक वानिकी रेंजर एके सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद शिवालिक वन प्रभाग की शाकंभरी देवी रेंज के रेंजर आरएन टिमौटी पिंजरा लेकर मौके पर आए। उनके आने के बाद बाग में एक पेड़ पर चढ़े तेंदुए को पकड़ने का ऑपरेशन शुरू किया गया। यहां तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल और पिंजरा लगाया गया, लेकिन वह पेड़ की टहनी टूटने के साथ नीचे गिरते ही भाग निकला। भागते समय तेंदुए ने सामने आए सामाजिक वानिकी में तैनात वाचर कश्मीर सिंह पर हमला कर दिया। पंजे जरकीन पर लगने से वह बाल-बाल बच गया। यहां से भागते हुए तेंदुआ यमुना नहर के किनारे झाड़ियों में जा छिपा।
वन संरक्षक सुनील कुमार दुबे, डीएफओ सामाजिक वानिकी विजय सिंह भी मौके पर पहुंच गए। बड़कला रेंज से अधिकारी शरद कुमार गुप्ता को भी वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर बुला लिया गया। उधर एसडीएम वैभव शर्मा, सीओ शिवराज सिंह भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुन: तेंदुए को पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया गया। इसी बीच दोपहर करीब दो बजे मेरठ से ट्रैंक्यूलाइजर टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए को पकड़ने के लिए हर प्रयास विफल होता गया। इस दौरान तेंदुए ने शाकंभरी वन रेंज में तैनात वन रक्षक प्रेम प्रकाश और डिप्टी रेंजर पीएन कुकरेती पर हमला कर दिया। डिप्टी रेंजर कुकरेती हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत बेहट सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पथरवा गांव निवासी शफीक भी हमले में मामूली रूप से घायल हुआ है। इस दौरान वनकर्मियों एवं पुलिसकर्मियों को अपनी और अधिकारियों की जान बचाने के लिए तकरीबन पांच राउंड फायर करने पड़े। खबर लिखे जाने तक देर रात तक ऑपरेशन जारी था।