शहर में करीब दो साल बाद फिर तेंदुआ घुस आया। मिलिट्री हॉस्पिटल में सुबह साढ़े सात बजे पहली बार तेंदुए को देखा तो हड़कंप मच गया। हॉस्पिटल के हेल्थ इंस्पेक्टर पर झपट्टा मारकर वह बाहर निकल भागा।
इसके बाद चार घंटे तक चले सर्च अभियान में वह नजर नहीं आया। इस बीच तेंदुए के पेड़ पर चढ़े होने की सूचना मिली। वह पेड़ पर करीब 15 फीट ऊंचाई पर चढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला। वहीं दिल्ली से डब्लूटीआई (वाइल्ड ट्रस्ट ऑफ इंडिया) की टीम बुलाई गई है। देर रात तक डीएम और एसएसपी की निगरानी में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की कवायद चलती रही।
आर्मी हास्पिटल के सी ब्लॉक में हेल्थ इंस्पेक्टर विष्णु त्रिपाठी सुबह करीब साढ़े सात बजे अपना ऑफिस खोलने पहुंच थेे। जैसे ही उन्होंने ताला खोला तो गुर्राने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने देखा तो सामने तेंदुआ था। तेंदुए ने गुर्राते हुए हेल्थ इंस्पेक्टर की तरफ छलांग लगा दी। हेल्थ इंस्पेक्टर नीचे बैठ गए और तेंदुआ उनके ऊपर से कूदकर भाग गया। इस पर हेल्थ इंस्पेक्टर चिल्लाते हुए ऑफिस में घुस गए। इसके बाद बच्चा, महिला वार्ड के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए गए।
वहीं ब्लॉक में स्थित आशा स्कूल भी अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद तेंदुए ने बच्चा, महिला वार्ड की जाली और दरवाजे पर पंजे मारे और वह पूरे ब्लॉक में इधर-उधर करीब आधा घंटे घूमता रहा। मौके पर पुलिस और वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। जिन्होंने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुआ नहीं मिला। करीब साढ़े चार घंटे तक सर्च आपरेशन के दौरान टीम को तेंदुए के पंजों के निशान मिले। जहां से वह दीवार कूदकर आया और गया था। इस पर टीम ने हॉस्पिटल के पिछले रेस कोर्स और गोल्ड कोर्स में भी तेंदुए को सर्च किया। इस दौरान तेंदुए के पंजे और खून के निशान भी मिले। जिससे यह लगता है कि इधर-उधर वार्ड में अंदर घुसने में उसे चोट लगी है
वहीं दोपहर बाद फिर आर्मी हास्पिटल के बरगद के पेड़ पर तेंदुआ बैठा नजर आया। इस पर टीम मौके पर पहुंची। मुख्य वन संरक्षक मुकेश कुमार, डीएफओ मनीष मित्तल, डीआईजी लक्ष्मी सिंह, एसपी सिटी मौके मौजूद थे। वहीं पुलिस और सेना ने घेराबंदी कर आसपास का क्षेत्र को खाली करा दिया। तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए दिल्ली से डब्लूटीआई की टीम बुलाई थी। देर शाम तेंदुए को ट्रंक्लुलाइज करने की तैयारी चल रही थी।
मिलिट्री हॉस्पिटल में देखे गए तेंदुए के बाद शहर के लोगों में खौफ है। वहीं डीएम ने बुधवार को शहर के सभी स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। कक्षा एक से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश रहेगा। यह आदेश यूपी बोर्ड, बेसिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएससी बोर्ड के सभी स्कूलों पर लागू होगा।
मंगलवार सुबह तेंदुए की सूचना मिलते ही वेस्ट एंड रोड के सभी स्कूलों को अलर्ट जारी कर दिया गया था। स्कूलों को निर्देश दिया गया कि बच्चों को स्कूल के बाहर न भेजा जाए। आर्मी हास्पिटल वेस्ट एंड रोड के काफी पास है। स्कूल प्रबंधक ने भी बच्चों को स्कूल से बाहर नहीं निकलने दिया। साथ ही स्कूलों के गेट तथा क्लासों के रूम बंद कर दिए गए। इसके बाद जब करीब 12 बजे तेंदुए जाने की सूचना आई तो स्कूलों की छुट्टी स्कूल समय अनुसार ही हो सकी। वहीं हास्पिटल में तेंदुए की सूचना के कुछ लोग वहां पहुंच गए और टीम के साथ तेंदुए को सर्च भी किया। हालांकि ज्यादा भीड़ देख सेना ने लोगों को वहां से बाहर कर दिया।
सी ब्लॉक में हैं कई महत्त्वपूर्ण वार्ड
मिलिट्री हॉस्पिटल के सी ब्लॉक में कई महत्वपूर्ण वार्ड हैं। जहां तेंदुआ सबसे पहले देखा गया वहां बच्चा और महिला वार्ड है। इसके अलावा यहां ऑफिसर वार्ड, एक फैमिली वार्ड की ओपीडी, डिस्पेंसरी, एसएचओ ऑफिस और हास्पिटल के जरूरी ऑफिस भी हैं। यहां करीब 300 से ज्यादा बेड है। इन बेडों में ज्यादातर पर मरीज मौजूद थे। इसके अलावा यहां एक विकलांग बच्चों का आशा स्कूल भी है, जिसमें 5 से 15 साल तक के 40 बच्चे पढ़ते हैं। सुबह तेंदुए की सूचना मिलते ही प्रिंसिपल संध्या शर्मा करीब 8.30 बजे स्कूल पहुंचीं। जिसके बाद उन्होंने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। इस पर स्कूल को बंद करने और स्कूल बसों को वापस भेज दिया गया। वहीं जब 9 डिव और 22 डिव की बसें स्कूल सी ब्लॉक के गेट पर करीब 8.45 बजे पहुंची तो उन्हें भी वापस भेज दिया गया।
हमारी तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। तेंदुआ पकड़ना वन विभाग का काम है। सभी टीमें अपना काम कर रही हैं। कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है। - ब्रिगेडियर जेएस बिश्नोई, कमांडेंट, मिलिट्री हास्पिटल