ककौर के यमुना खादर के जंगल में जंगली सूकर को पकड़ने के लिए किसी शिकारी ने शिकंजा यानि खटका लगाया । मंगलवार सुबह करीब साढे़ छह बजे किसान भगत खेत में पहुंचा तो तेंदुआ गुर्राता नजर आया। किसान गांव की तरफ भागा। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और देखा कि नर तेंदुआ का पैर शिकंजे में फंसा है। ग्रामीणों ने पुलिस एवं वन विभाग को जानकारी दी। छपरौली पुलिस मौके पर पहुंची और वीडियो बना रहे एवं फोटो खींच रहे ग्रामीणों को दूर हटाया।
सूचना पर वन विभाग की टीम करीब साढे़ 11 बजे जाल लेकर मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से तेंदुआ को जाल में डाल लिया। इसके बाद वनकर्मी और ग्रामीण तेंदुआ को जाल में ही लाठी डंडों से दबोचकर आसपास बैठ गए। सैकड़ों लोग मौके पर तेंदुआ को देखने के लिए जमा थे। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग का पिंजरा करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचा, तब तक तेंदुआ को तीन बार बेहोशी का इंजेक्शन दिया जा चुका था। जिस वक्त तेंदुआ वन विभाग को सौंपा, वह ठीक था।
शाम करीब चार बजे बड़ौत रेंज में पहुंचते पहुंचते तेंदुआ की मौत हो गई। डीएफओ अनिल कुमार मिश्रा का कहना है कि मौत कैसे हुई, पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि बेहोशी के इंजेक्शन की ओवरडोज दिए जाने से मौत हुई है। सीवीओ डॉ. राजपाल सिंह का कहना है कि तेंदुआ का पोस्टमार्टम कराने के लिए टीम गठित कर दी गई है।
आईवीआरआई की टीम करेगी पोस्टमार्टम
तेंदुए के पोस्टमार्टम के लिए इंडियन वैटेनरी रिसर्च सेंटर बरेली की टीम बुलाई जाएगी। वन विभाग ने शव को बर्फ में सुरक्षित रखवा दिए है। बुधवार को पोस्टमार्टम होगा।
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