मेरठ। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इत्तफाक नगर में रविवार रात हसीन उर्फ चीनू (32) पुत्र शौकीन की हत्या के मामले में छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार हसीन के परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि 50 हजारी जुबैर के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से जुबैर का भाई शादाब धमकी दे रहा था कि उसकी हसीन ने मुखबिरी की थी। शादाब ने एलान किया था कि वह हसीन को मार डालेगा। इस धमकी के बाद से हसीन घर छोड़कर पत्नी और बच्चों के साथ करीब पांच माह से भावनपुर के पचपेड़ा गांव स्थित ससुराल में रह रहा था। पांच दिन पहले ही वह ससुराल से घर आया था। रविवार रात को एलान के बाद हसीन की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई।
परिजनों में मचा कोहराम
सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पर हसीन के परिजनों ने आक्रोश जताकर हसीन के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पोस्टमार्टम के बाद हसीन का शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने कहा कि हसीन ने जुबैर की मुखबिरी नहीं की थी। कुछ लोगों ने कहा कि हत्या का बदला लिया जाएगा। बाद में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट ने बताया कि हसीन के परिजनों ने मुख्य आरोपी शादाब निवासी इत्तफानगर, तौफीक, राय साहब, शहजाद, व आसिफ सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। हसीन को सीने के अलावा गर्दन, गुप्तांग और पैर में पांच गोलियां लगना सामने आया। सीओ कोतवाली के अनुसार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शादाब की निकली आखिरी कॉल
पुलिस के अनुसार मोबाइल की कॉल डिटेल में सामने आया कि रविवार रात शादाब ने आखिरी कॉल हसीन के मोबाइल पर की थी। पुलिस मान रही है कि हसीन को कॉल करके बुलाया गया। समर गार्डन चौपले पर शादाब ने साथियों के साथ उसे घेरा तो वह जान बचाकर भागा। पैर में गोली लगने के बावजूद भी हसीन भागा और एक मकान में घुस गया। हमलावरों ने घर से खींचकर उस पर गोलियां बरसा दी थीं।