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चिकित्सकों की कमी से अस्पताल नहीं हो पा रहे आयुष्मान

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मेरठ। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से न सिर्फ मरीजों को निशुल्क इलाज मिलना है, बल्कि क्लेम के पैसे से सरकारी अस्पतालों का उद्धार भी होना है, ताकि उनमें मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। लेकिन सरकारी चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण दोनों ही जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। करीब एक हजार मरीजों को ही सरकारी अस्पतालों में इलाज मिला है।
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मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में 83 विशेषज्ञ चिकित्सक मानकों से कम हैं। महिला जिला अस्पताल में जहां हर माह एक हजार से ज्यादा डिलिवरी होती हैं, वहां 14 स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव है। जिला अस्पताल में 25 चिकित्सक कम हैं। इनमें सर्जरी, बेहोशी, रेडियोलॉजिस्ट, अस्थि रोग, चेस्ट रोग, ईएनटी, दंत रोग, यूरोलोजिस्ट, न्यूरो सर्जन, न्यूरो फिजिशियन, हृदय रोग, गुर्दा रोग आदि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा 44 चिकित्सक कम हैं। ह्यूमन मेटाबोल्जिम, ईएनटी, गायनोकोलोजी, फोरेंसिक मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फिजियोलोजी, बायोकेमिस्ट्री आदि में पद खाली चल रहे हैं।
शासन ने जताई नाराजगी
सरकारी चिकित्सालयों में आयुष्मान भारत के तहत मरीजों की कम संख्या को लेकर शासन ने नाराजगी जताई है। प्रमुख सचिव ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को पत्र लिखा है कि योजना के लाभार्थियों के निशुल्क उपचार के बाद निर्धारित पैकेज की धनराशि चिकित्सालयों के रोगी कल्याण समिति के खाते में प्रेषित कर दी जाती है, जिसका उपयोग रोगी कल्याण के लिए चिकित्सालय के इन्फ्रास्ट्रक्चर, विकास आदि में किए जाने का प्रावधान है। अभी तक करीब 80 प्रतिशत मरीज निजी और 20 प्रतिशत सराकरी में इलाज करा रहे हैं। इससे साफ है कि लाभार्थियों को भर्ती करने में अपेक्षित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसके लिए चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को योजना के प्रति संवेदनशील बनाया जाए और हर स्तर पर योजनांतर्गत लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि के प्रयास किए जाएं।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है वजह
सरकारी अस्पतालों में मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और तीन सीएचसी पर आयुष्मान भारत के तहत इलाज किया जा रहा है। कम प्रतिशत की वजह यह है कि एक तो प्राइवेट के मुकाबले सरकारी अस्पताल कम हैं। दूसरे सरकारी चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। - डॉ. पूजा शर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
लोगों को जागरूक करने के लिए निकाली रैली
मेरठ। लोगों को जागरूक करने के लिए जिला अस्पताल से आयुष्मान भारत जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। अस्पताल से घंटाघर, नगर निगम से होते हुए वापस जिला अस्पताल पहुंची। इसमें फैज ए आम इंटर कॉलेज, डीएन इंटर कॉलेज और एनसीसी छात्र, आयुष्मान मित्र, आशा, स्वास्थ्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
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