ट्रैफिक कार्यालय में पुलिस से भिड़े वकील
मेरठ। दिल्ली में जिस तरह से पुलिस और वकीलों के बीच हुए टकराव का मामला हुआ था। मेरठ में भीशुक्रवार को ऐसा ही माहौल बनने से बच गया। दो वकील ट्रैफिक कार्यालय में पहुंचे और सीज ई रिक्शा को छुड़ाने की बात कही, जिस पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश लाने की बात कहकर ई-रिक्शा छोड़ने से इंकार कर दिया। दोनों पक्षों में जमकर नोंकझोंक हुई। पुलिस ने दोनों वकीलों पर शराब के नशे में गाली गलौज और धमकी देने की शिकायत एसपी ट्रैैफिक से की।
ट्रैफिक पुलिस ने बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही एक रिक्शा को 20 नवंबर को सीज किया था। पुलिस के मुताबिक बृहस्पतिवार को दो वकील ट्रैफिक कार्यालय में पहुंचे। इस दौरान वकीलों ने ट्रैफिक पुलिस के एचसीपी पुष्पेंद्र कुमार से ई रिक्शा छोड़ने के लिए कहा। जिसके बाद पुलिस ने कहा कि ई रिक्शा सीज है, प्रक्रिया के बाद कोर्ट के निर्देश पर ही रिलीज हो सकती है। आरोप है कि वकीलों ने गाली गलौज करते हुए पुलिस पर चार हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। जिसके बाद दोनों वकील चले गए। इस दौरान पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो बना ली। शुक्रवार सुबह फिर से दोनों वकील वहां पहुंचे और हंगामा किया। वकीलों ने पुलिस पर ई रिक्शा से बैट्री निकालने का आरोप लगा दिया। हंगामा हुआ तो पुलिसकर्मियों ने एसपी ट्रैफिक से शिकायत कर दी। जिसके बाद एसपी ट्रैफिक वहां पहुंचे और दोनों पक्षों को बुला लिया।
एसपी ट्रैफिक ने कहा कि ठीक नहीं है माहौल
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरे की वीडियो देखी। जिसमें वकील गाली गलौज कर धमकी दे रहे हैं। एसपी ट्रैफिक ने दोनों पक्षों से बात की जिसके बाद दोनों वकीलों ने माफी मांग ली। एसपी ट्रैफिक के मुताबिक जो ई रिक्शा सीज की गई थी, कोर्ट से ही रिलीज होगी। वहीं ट्रैफिक कार्यालय में कैमरे लगे हुए हैं, किसी भी वाहन की बैट्री निकालने और अवैध वसूली के आरोप गलत हैं। इस समय माहौल ठीक नहीं है। जरा सी बात पर विवाद तूल पकड़ जाता है।