बिश्नोई के बड़े गुर्गों को फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भगाने में सहयोग करने वाले राहुल सरकार को बीकानेर पुलिस ने 31 मार्च को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया था। दिल्ली निवासी राहुल सरकार ने ही गैंगस्टर रोहित गोदारा को फर्जी पासपोर्ट बनाकर दिया था। इसके बाद वह विदेश भाग गया। कुछ अन्य बदमाशों के फर्जी पासपोर्ट भी राहुल सरकार की ओर से बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
राहुल से पूछताछ के बाद राजस्थान पुलिस गाजियाबाद, मेरठ सहित अन्य जिलों में उसके नेटवर्क को खंगाल रही है। इसी के चलते मंगलवार को कंकरखेड़ा सुभाषपुरी के राजू वैद को बीकानेर पुलिस पकड़कर ले गई। राजू आंबेडकर रोड पर साइबर कैफे चलाता है। इसके अलावा गाजियाबाद पासपोर्ट ऑफिस के पास भी उसने अपना ऑफिस खोल रखा है।
राजू वैद फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले राहुल सरकार के लिए काम कर रहा था या फिर उसे राहुल ने फर्जी आईडी देकर पासपोर्ट बनवाए, ये अब तक की जांच में स्पष्ट नहीं हो पाया है। एसपी सिटी आयुष व्रिकम सिंह का कहना है कि बीकानेर से क्राइम ब्रांच की टीम आई थी। वह फर्जी पासपोर्ट के मामले में राजू वैद को ले गई है। राजस्थान पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मेरठ पुलिस को सिर्फ राजू को ले जाने की जानकारी दी गई है।
पश्चिमी यूपी में बढ़ रहे लॉरेंस के गुर्गे
उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ एनकाउंटर के बाद पश्चिम के बड़े बदमाश जहां जेलों में दुबके हैं, वहीं तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह पश्चिमी यूपी में पैर पसार रहा है। एक साल पहले लावड़ में गारमेंट व्यापारी से रंगदारी मांगने का मामला हो या फिर कंकरखेड़ा के पावली खुर्द गांव निवासी प्रयाग चौधरी की मई-2022 में हुई हत्या।
कई अपराधों को लॉरेंस के शूटरों ने ही अंजाम दिया। अब जिस तरह से फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले मामले में मेरठ का कनेक्शन जुड़ा है, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लॉरेंस के कई शूटर जिन्होंने मेरठ में संगीन अपराध को अंजाम दिया, वे दिल्ली जेल में बंद हैं।
ऐसे में उनके खिलाफ चल रहे मुकदमों में क्या पैरवी की जा रही है, गवाहों को किस तरह से सुरक्षा दी गई है, इसे लेकर निगरानी करने वाले अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है।