एसएसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चौकी इंचार्ज को निलंबित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नई विवेचना टीम निष्पक्षता से कार्य करेगी। फिलहाल नए चौकी प्रभारी की तैनाती नहीं की गई है।
सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस की गंभीर चूक को देखते हुए की गई है। उन्होंने माना कि कई बार इसी तरह की लापरवाही से मामलों में देरी होती है, जिसे अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह था मामला
नई बस्ती निवासी उमेर को करीब चार महीने पहले कस्बे के ही आरोपी ईशा और शाकिर ने फोन कर घर से बुलाया था। इसके बाद से वह लापता हो गया। परिजनों ने बार-बार पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
हताश होकर एक महीने पहले उमेर की पत्नी नगमा ने आत्मदाह की धमकी दी, तब जाकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। 22 अक्तूबर को परिजनों ने चौकी पर हंगामा किया और भाई आलमगीर व नगमा ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी ईशा को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में ईशा ने बताया कि उसने अपनी प्रेमिका का हाथ पकड़ने पर गुस्से में उमेर की हत्या की और शव को गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद से पुलिस लगातार शव की तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। परिजन लगातार शव की बरामदगी की मांग कर रहे हैं।