पाकिस्तान के विरुद्ध हुए दो युद्धों का हिस्सा रह चुके पूर्व सैन्य शिक्षक सुखबीर सिंह तोमर का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। सुखबीर सिंह सेना की वॉलीबॉल टीम के कप्तान भी रह चुके थे और राष्ट्रपति भवन में नौ वर्ष तक एजुकेशन कोर में शिक्षक के रूप में भी तैनात रह चुके थे। उनके निधन की जानकारी मिलने पर सैन्य अफसरों ने उन्हें सैन्य सम्मान देते हुए गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
मूल रूप से बागपत जिले के ग्राम गुराना निवासी सुखबीर सिंह तोमर वर्तमान में कंकरखेड़ा स्थित शिवलोक कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। बृहस्पतिवार को ह्रदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। सैन्य अधिकारियों ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। उनके बड़े बेटे तेजवीर सिंह तोमर ने उन्हें मुखाग्नि दी।
छोटे बेटे यशवीर सिंह तोमर ने बताया कि उनके पिता सुखबीर सिंह तोमर वर्ष 1953 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी पहली नियुक्ति राष्ट्रपति भवन में एजुकेशन कोर में शिक्षक के रूप में हुई थी। वर्ष 1960 में सैन्य वॉलीबॉल टीम का हिस्सा बने और आगे चलकर टीम के कप्तान भी बने।
खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन ने उन्हें सम्मानित भी किया था। इसके अलावा सुखबीर सिंह वर्ष 1965 तथा 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध का भी हिस्सा थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सीडीए मेरठ में भी सेवाएं प्रदान की।