नैक के लिए खुद आकलन करें कॉलेज: कुलपति
मेरठ। नैक के लिए कॉलेजों को खुद अपना आकलन करना होगा। टीचिंग और लर्निंग में कॉलेज की पढ़ाई के तरीके पर भी अच्छे अंक मिलते हैं। बिना नैक के अब आगे कॉलेजों को ग्रांट भी नहीं मिलेगी। ऐसे में सभी को नैक ग्रेडिंग कराना जरूरी है। यह बात शुक्रवार को सीसीएसयू के बृहस्पति भवन में आयोजित राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यापन परिषद- नैक से अच्छी ग्रेड पाने को आयोजित कार्यशाला में कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कही।
कार्यशाला में नैक की दिल्ली शाखा की सलाहकार प्रतिभा सिंह ने नैक के रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर आखिर तक की सारी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि नैक में अच्छा ग्रेड लाने के लिए सात प्रमुख बिंदुओं का ध्यान रखें। इनमें कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर, पाठ्यक्रम, टीचिंग लर्निग प्रोसेस, रिसर्च कार्य, इनोवेशन वर्क, गर्वनेंस मैनेजमेंट और स्टूडेंट सपोर्ट बिंदू पर काम करें। उन्होंने बताया कि नैक की टीम यह भी देखती है कि परेशानी आने पर कॉलेज इसका समाधान कैसे करते हैं। छात्रों के साथ शिक्षकों के संबंध भी अंक के आधार तय करते हैं। कॉलेज अपने छात्रों की क्षमता को कैसे उभारते हैं, टीम इसका भी आकलन करती है। छात्रों से फीडबैक कॉलेज के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। खेल की गतिविधियों पर भी फोकस रहता है। एनसीसी व एनएसएस से भी कॉलेज को फायदा होता है। इन तमाम बातों के बारे में जानकारी दी। चैनल समन्वयक, टीचर एजूकेशन स्कूल ऑफ एजूकेशन नई दिल्ली एक्सपर्ट गौरव ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से नैक से संबंधित कई बातों की जानकारी दी। क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि 70 फीसदी फीडबैक नैक को ऑनलाइन भेजना होता है। ऐसे में जिन कॉलेजों की वेबसाइट पूरी तरह से अपग्रेड है वह उसका लिंक भी कॉपी करके भेज सकते हैं। इससे आपके कॉलेज में ऑनलाइन गतिविधियों का सारा डाटा नैक को पहुंच जाता है। ऐसे में हर कॉलेज की वेबसाइट अपग्रेड होनी चाहिए।
यह रहे मौजूद
कार्यशाला में रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा, चीफ प्रॉक्टर प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. जयमाला, डॉ. प्रवीन कुमार, डॉ. दिनेश कुमार, आकाश दीप शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र पांडे, धर्मेंद्र, डॉ. सुषमा रामपाल, डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. नरेंद्र पांडे आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. अपेक्षा चौधरी ने किया।
1011 में से सिर्फ 57 ही नैक ग्रेडिंग
मेरठ और सहारनपुर मंडल के जिलों में सीसीएसयू से संबद्घ सेल्फ फाइनेंस 943 कॉलेजों में से 33 ने, 50 एडेड कॉलेजों में से 20 और 18 राजकीय कॉलेजों में सिर्फ चार कॉलेजों ने ही नैक निरीक्षण कराया है। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने कहा कि अब सभी को नैक को कराना अनिवार्य है। यूजीसी के साफ निर्देश हैं कि जो नैक नहीं कराएंगे उनकी ग्रांट भी बंद कर दी जाएगी। वहीं, कार्यशाला में सभी कॉलेजों के प्राचार्यों अथवा प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। इनमें से सिर्फ 103 कॉलेजों के प्राचार्यों-प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि जो कॉलेज नहीं आए हैं उनकी सूची बनाई जा रही है। नैक की प्रक्रिया नहीं शुरू करने वाले कॉलेजों की सूची शासन को भी भेजी जाएगी। कार्यशाला में कोआर्डिनेटर प्रो. पवन शर्मा, डॉ. सीमा जैन और अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे।
यूजीसी ने दिए हैं निर्देश
यूजीसी ने 2022 तक देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को राष्ट्रीय मूल्यांकन व प्रत्यायन परिषद (नैक) एक्रिडेशन लेना अनिवार्य कर रखा है। राजभवन ने इसको लेकर सभी विवि को निर्देश जारी किए थे कि जिन कॉलेजों का नैक नहीं होगा उनकी संबद्धता समाप्त करें।
सीजीपीए के आधार पर मिलता है ग्रेड
3.51-4.00 - ए प्लस प्लस
3.26-3.50 - ए प्लस
3.01-3.25 - ए
2.76-3.00 - बीए प्लस प्लस
2.51-2.75 - बीए प्लस
2.01-2.50 - बी
1.51-2.00 - सी
-----1.50 - डी