फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निकाय चुनाव: अंतिम दिन आठ महापौर प्रत्याशियों ने किये पर्चे दाखिल  

Tue, 07 Nov 2017 11:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
निकाय चुनाव में सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन कलक्ट्रेट परिसर के भीतर और बाहर भीड़ का रैला रहा। अंतिम दिन महापौर पद पर 8 और 90 वार्डों में पार्षद पद के लिए 442 नामांकन दाखिल हुए। इस बार नगर निगम चुनाव में महापौर पद पर 9 और पार्षद पदों पर 867 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया। 
विज्ञापन


सोमवार को नामांकन दाखिल करने के बीच जमकर शक्ति प्रदर्शन हुआ। महापौर पद पर भाजपा की कांता कर्दम, बसपा की सुनीता वर्मा, कांग्रेस की ममता सूद, रालोद की संगीता, आम आदमी पार्टी की नीलम राठौर, भारतीय तारक समाज पार्टी से रेखा रानी के साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी मीना सिंह और राजकुमारी ने पर्चे दाखिल किये। बसपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा और भाजपा प्रत्याशी कांता कर्दम के बीच भीड़ का शक्ति प्रदर्शन हुआ। जबकि इनके बीच पार्षद पद के प्रत्याशी भी ढोल की थाप पर जुलूस के रूप में नामांकन करने पहुंचे। 


रालोद प्रत्याशी सोनिया नवल नहीं कर सकीं नामांकन  
 रालोद प्रत्याशी सोनिया नवल नगर निगम क्षेत्र में वोट नहीं होने के चलते अपना नामांकन नहीं कर सकीं। आनन-फानन में पार्टी नेताओं ने उनकी जगह तीन दिन पहले बसपा छोड़कर पार्टी में शामिल हुए डॉ. सुशील कुमार की पत्नी संगीता रानी को प्रत्याशी बनाकर नामांकन कराया। हालांकि उन्हें भी जाति प्रमाणपत्र दाखिल नहीं करने पर नामांकन से मना कर दिया गया। जाति प्रमाणपत्र के लिए किए गए आवेदन की स्लिप अधिकारियों ने नहीं मानी तो रालोद नेता अधिकारियों से भिड़ गए और भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बाद में प्रमाणपत्र दाखिल करने के बाद नामांकन हो सका। 
विज्ञापन


काफी मशक्कत के बाद रविवार को रालोद ने मेयर पद के लिए सोनिया नवल को प्रत्याशी घोषित किया। इसके साथ ही 22 पार्षद प्रत्याशी घोषित किए थे। सोमवार को रालोद नेता सोनिया नवल को दलबल के साथ नामांकन कराने ले जाने लगे तो नगर निगम में उनका वोट नहीं मिलने पर पेंच फंस गया। वार्ड नंबर सात स्थित आनंद निकेतन में बना उनका वोट सूची में नहीं मिला। इसके बाद तीन दिन पहले बसपा छोड़कर पार्टी में शामिल हुए डॉ. सुशील कुमार की पत्नी संगीता रानी को प्रत्याशी घोषित करके नामांकन के लिए ले जाया गया। वहां उनके पास जाति प्रमाणपत्र की कापी नहीं होने पर मामला अटक गया। जाति प्रमाणपत्र के लिए दो दिन पहले किए गए आवेदन की स्लिप भी अधिकारियों ने नहीं मानी। बाद में जाति प्रमाणपत्र की कॉपी पेश करने पर नामांकन हो सका। इस मौके पर निकाय चुनाव कमेटी के अध्यक्ष एनुद्दीन शाह, पूर्व मंत्री डॉ. मेराजुद्दीन अहमद, पूर्व प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान, जिलाध्यक्ष राहुल देव, सुनील रोहटा, राममेहर गुर्जर, राजेंद्र चिकारा, मुकेश जैन, भोपाल गुर्जर, अनीश कुरैशी, जीशान सिद्दीकी, योगेश फौजी आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें