आसमान पर छायी घनी धुंध से सोमवार को दिन जैसे जल्दी ढल गया। सूरज की किरणें भी मध्याह्न के चार बजते-बजते धुंध में खो गईं। अंधेरा छाने पर हाईवे और मुख्य मार्गों पर वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी दो-तीन दिन मौसम ऐसे ही बना रहेगा।
हल्का कोहरा सुबह दिन निकलते ही छाया रहा। इसके बाद जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, धुंध गहरी होती चली गई। हवाओं की गति भी दिन भर शांत रही। जिसका असर मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। रविवार की अपेक्षा सोमवार को दिन के तापमान में भी गिरावट आई। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 96 और न्यूनतम आर्द्रता 57 प्रतिशत दर्ज की गई।
परिवर्तन की संभावना नहीं
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष का कहना है कि जब आसमान पर हल्के बादल आ जाते है और हवाओं की गति शांत हो जाती है तो अक्सर इस तरह की धुंध दिखाई देती है। यहीं कारण है कि सोमवार को धुंध दिन भर छाई रही। 24 से 48 घंटे तक मौसम में ज्यादा परिवर्तन की संभावना नहीं है।
बच्चे और बुजुर्ग बरतें सावधानी
मौसम विभाग का कहना है कि दिन भर वातावरण में छाई रही धुंध बढ़ते प्रदूषण का असर है। धुंध से कुछ लोगों को जहां आंखों में जलन महसूस हुई, वहीं कुछ बुजुर्गों को सांस लेने में भी परेशानी रही। ऐसे में बच्चे और खासकर बुजुर्ग सावधानी बरतें। बुजुर्गों को घर से निकलते समय मास्क, टोपी या मफलर का प्रयोग करना चाहिए। सांस के रोगियों को दवाईयां नियमित लेनी चाहिए। चिकित्सकों से भी परामर्श लेना चाहिए। वैज्ञानिक वर्तमान मौसम को स्वास्थ्य की दृष्टि से सही नहीं मान रहे हैं।