बीए-एलएलबी, बीकॉम-एलएलबी और तीन वर्षीय एलएलबी में 20 और 21 को होंगे पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों को एक और अंतिम अवसर दिया है। विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों में बीए-एलएलबी, बीकॉम-एलएलबी और तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 20 और 21 सितंबर को ऑनलाइन पंजीकरण कराया जा सकेगा।
इसके बाद इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। विश्वविद्यालय की ओर से शनिवार को जारी सूचना के अनुसार नए विद्यार्थियों के साथ पहले से पंजीकृत लेकिन प्रवेश नहीं ले सके अभ्यर्थी भी प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। पंजीकरण की हार्डकॉपी संबंधित परिसर विभाग या उस महाविद्यालय में 21 से 22 सितंबर तक जमा करनी होगी, जहां प्रवेश के लिए पंजीकरण कराया गया है। 23 सितंबर को प्राप्त पंजीकरण फार्मों के आधार पर वरीयता सूची तैयार होगी। इसमें संबंधित पाठ्यक्रम की अर्हता परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ वार्ड कोटा, एनसीसी, एनएसएस आदि के वेटेज को शामिल किया जाएगा। सूची आरक्षण नियमों के अनुसार तैयार की जाएगी। इसके बाद 24 और 25 सितंबर को प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
डैशबोर्ड पर देखना होगा प्रवेश ऑफर
विश्वविद्यालय परिसर के बीए-एलएलबी और तीन वर्षीय एलएलबी में पंजीकृत अभ्यर्थियों को 24 और 25 सितंबर को अपनी लॉगइन आईडी और पासवर्ड से डैशबोर्ड पर प्रवेश शुल्क जमा करने का लिंक देखना होगा। लिंक उपलब्ध होने पर संबंधित विभाग में शैक्षणिक और आरक्षण संबंधी प्रमाणपत्रों के साथ संपर्क करना होगा। वहीं संबद्ध महाविद्यालयों में बीए-एलएलबी, बीकॉम-एलएलबी और तीन वर्षीय एलएलबी के लिए पंजीकृत अभ्यर्थी अपने डैशबोर्ड पर प्राप्त प्रवेश प्रस्ताव देख सकेंगे। इच्छुक महाविद्यालय का प्रवेश प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद मूल प्रमाणपत्रों और स्वप्रमाणित प्रतियों के साथ 24 और 25 सितंबर को संबंधित महाविद्यालय में प्रवेश लेना होगा। प्रवेश प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए पंजीकृत ई-मेल पर भेजे गए ओटीपी से सत्यापन करना होगा।
22 सितंबर तक कर सकेंगे संशोधन
पंजीकृत अभ्यर्थियों को पंजीकरण फार्म में अकादमिक विवरण और वेटेज से संबंधित त्रुटियों को 20 से 22 सितंबर तक अपनी लॉगइन आईडी के माध्यम से सुधारने का अवसर भी दिया गया है। 24 और 25 सितंबर को महाविद्यालय व परिसर विभाग अभिलेखों की जांच के बाद प्रवेश की पुष्टि करेंगे। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह प्रवेश का अंतिम अवसर है। इसके बाद सभी रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी।