पिंकल ने बुधवार को नगर निगम में संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार से भूमि के संबंध में जानकारी ली तो पता चला कि यह जमीन राज्य सरकार की है। उन्होंने भूमि के संबंध में अभिलेख भी दिखाए। पिंकल ने बताया कि विक्रेता ने 50 हजार रुपये एडवांस भी लिए हुए हैं।
बुधवार को साढ़े नौ लाख रुपये दिए जाने थे। संपत्ति अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने इस जमीन के क्रय विक्रय न किए जाने के लिए रजिस्ट्री विभाग में आपत्ति लगा रही है। पिछले माह नगरायुक्त ने रजिस्ट्ररी विभाग को भी इस संबंध में पत्र लिखा था।
नहीं की कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को सूचना तो दी, लेकिन सरकारी भूमि बेचने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की। इस संबंध में संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि भू अभिलेखों में जमीन राज्य सरकार के नाम दर्ज है। मामला हाईकोर्ट में भी चल रहा है।