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संघर्ष के बाद चिंदौड़ी में कब्जामुक्त कराई जमीन

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विवादित जमीन को कब्जा मुक्त कराती थाना पुलिस। - फोटो : KITHOR
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संघर्ष के बाद चिंदौड़ी में कब्जामुक्त कराई जमीन
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खरखौदा। गांव चिंदौड़ी में जिस जमीन को लेकर दो पक्षों में पुरानी रंजिश है। सोमवार को पुलिस ने उस जमीन को संघर्ष के बाद कब्जामुक्त करा लिया। वहीं, एक पक्ष का आरोप है कि पुलिस द्वारा जमीन खाली कराकर दूसरा पक्ष उसे अपनी जमीन में कब्जाना चाहता है।
पुलिस के अनुसार क्षेत्र के गांव घोसीपुर चिंदौड़ी गांव में शेरददीन पक्ष की 12 बीघा कृषि भूमि है। उसी के पास में एक सरकारी चकरोड है। बराबर में 200 मी. नगर निगम की जमीन है। जिसमें जावेद पक्ष पशुओं को बांधता है और गोबर डालता है। आरोप है कि गोबर बार बार शेरदीन की जमीन में बहकर आ जाता था। उधर शेरददीन भी उस जमीन पर अपना कब्जा करना चाह रहा है। इस बात को लेकर विवाद चला आ रहा है। दोनों पक्षों ने कई रिपोर्ट दर्ज कराई हुईं हैं। मामला राजनीति से जुड़ा होने के कारण पुलिस भी दोनों पक्षों के खिलाफ कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं कर पाती। उसी को लेकर शनिवार को फिर से दोनों पक्षों में फायरिंग व पथराव हुआ था। जिसमें एक किशोर को भी गोली लग गई थी। वहीं, महिला व बुजुर्ग पथराव में घायल हो गए थे। सोमवार को तहसीलदार के आदेश के बाद खरखौदा पुलिस उक्त जमीन को कब्जा मुक्त कराने पहुंची। जहां दोनों पक्ष आग गए। इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस ने प्लाट में पड़ा गोबर हटवा दिया। वहीं, जावेद पक्ष ने आरोप लगाया कि शेरददीन पक्ष ने पुलिस से साठगांठ कर ली। एमडीए की जमीन को कब्जा मुक्त कराकर वह अपनेे खेत में मिलाना चाह रहा है। इस मामले में अधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
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तहसीलदार के आदेश पर ही पुलिस ने उक्त जमीन को कब्जा मुक्त कराया है। किसी के दबाव में काम नहीं कराया गया। मनीष बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक थाना खरखौदा।
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